

खाकी का सम्मान 36 वर्षों की सेवा के बाद होमगार्ड जवान को मिली यादगार विदाई, भावुक हुआ पुलिस महकमा।
हरिद्वार। आमतौर पर होमगार्ड जवानों की सेवानिवृत्ति कागजी औपचारिकताओं और फाइलों तक ही सीमित रह जाती है, लेकिन सिडकुल थाना पुलिस ने इस परंपरा को तोड़कर मानवीय संवेदनाओं की एक नई मिसाल पेश की है। 36 वर्षों तक निष्ठा और ईमानदारी के साथ अपनी सेवा देने वाले होमगार्ड जवान महिपाल सिंह के रिटायरमेंट पर थाने में एक भव्य विदाई समारोह का आयोजन किया गया, जिसने पूरे महकमे का दिल जीत लिया।
सम्मान ऐसा कि नम हो गईं सबकी आंखें सिडकुल थाना परिसर में आयोजित इस कार्यक्रम में न केवल खाकी का अनुशासन दिखा, बल्कि एक परिवार जैसी आत्मीयता भी नजर आई। पूरा थाना स्टाफ एक परिवार की तरह महिपाल सिंह को विदा करने के लिए उमड़ पड़ा। कार्यक्रम के दौरान महिपाल सिंह के परिजन भी मौजूद रहे, जो पुलिस विभाग के इस सम्मान को देखकर भावुक हो उठे।
कप्तान की सोच और ‘इक्वल रिस्पेक्ट’ का संदेश इस अनूठी पहल के पीछे पुलिस कप्तान प्रमेंद्र डोबाल की वह दूरगामी सोच रही, जिसमें उनका मानना है कि वर्दी चाहे किसी भी संवर्ग की हो, सेवा और समर्पण का सम्मान एक समान होना चाहिए। कप्तान के इसी विजन को थाना प्रभारी नितेश शर्मा के नेतृत्व में धरातल पर उतारा गया। विदाई समारोह में भव्य पंडाल, विभिन्न व्यंजनों की व्यवस्था और स्मृति चिन्ह भेंट कर जवान को सम्मानित किया गया।
36 साल का अटूट रिश्तासा थी पुलिसकर्मियों ने महिपाल सिंह के साथ बिताए लम्हों को याद करते हुए उनकी कर्तव्यनिष्ठा की सराहना की। साथी जवानों ने कहा कि महिपाल सिंह ने हर चुनौतीपूर्ण ड्यूटी में कंधे से कंधा मिलाकर साथ दिया। विदाई के अंतिम क्षणों में जब अधिकारियों और साथियों ने उन्हें गले लगाया, तो माहौल पूरी तरह भावुक हो गया।
”वर्दी का सम्मान संवर्ग से नहीं, बल्कि सेवा और निष्ठा से तय होता है। यह आयोजन उसी सोच का प्रमाण है।”




