
57 वाहिनी सशस्त्र सीमा बल की ओर से संविधान दिवस को अत्यंत उत्साह, सम्मान और राष्ट्रभक्ति की भावना के साथ मनाया गया। इसमें वाहिनी परिसर एवं सीमा चौकियों में एक शपथ ग्रहण एवं जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। समारोह का शुभारम्भ मनोज कुमार, द्वितीय कमान अधिकारी ने किया। जिन्होंने अपने प्रेरणादायी संबोधन में भारतीय संविधान के इतिहास, निर्माण प्रक्रिया, संविधान सभा के योगदान तथा संविधान में निहित मूलभूत सिद्धांतों पर विस्तृत प्रकाश डाला।
उन्होंने बताया कि भारतीय संविधान विश्व का सबसे बृहद और सशक्त संविधान है, जो न्याय, स्वतंत्रता, समानता और बंधुत्व जैसे मूल्यों पर आधारित है तथा प्रत्येक नागरिक को उसके मौलिक अधिकारों एवं कर्तव्यों के प्रति जागरूक करता है। उन्होंने जवानों को समानता का अधिकार, स्वतंत्रता का अधिकार, शोषण के विरुद्ध संरक्षण, धर्म की स्वतंत्रता, सांस्कृतिक एवं शैक्षिक अधिकार तथा संवैधानिक उपचार जैसे छह मौलिक अधिकारों के बारे में समझाया और साथ ही 11 मौलिक कर्तव्यों के पालन की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि संविधान का सम्मान व पालन हर सैनिक और नागरिक का नैतिक दायित्व है।

कार्यक्रम के दौरान सभी अधिकारी और जवान एकजुट होकर संविधान की रक्षा, सम्मान और पूर्ण निष्ठा से पालन करने की शपथ लेते हुए देश की एकता, अखंडता एवं संप्रभुता की रक्षा हेतु सदैव तत्पर रहने का संकल्प व्यक्त करते दिखाई दिए। पूरे आयोजन के दौरान परिसर में अनुशासन, देशभक्ति और राष्ट्र के प्रति समर्पण का वातावरण बना रहा। इस अवसर पर उप-कमांडेंट दीपक तोमर, निरीक्षक मुन्नी, सहायक उप-निरीक्षक हीरा सिंह सहित वाहिनी के सभी अधिकारी एवं जवान उपस्थित रहे।





