
देहरादून। आगामी चारधाम यात्रा, पर्यटन सीजन और वर्तमान वैश्विक परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए राज्य में घरेलू एवं व्यावसायिक एलपीजी गैस की आपूर्ति को लेकर शासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने सभी जिलाधिकारियों और तेल कंपनियों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर गैस आपूर्ति व्यवस्था की विस्तृत समीक्षा की।
चारधाम यात्रा और पर्यटन सीजन को देखते हुए कमर्शियल गैस सप्लाई सुनिश्चित करने के निर्देश
बैठक में मुख्य सचिव ने स्पष्ट निर्देश दिए कि चारधाम यात्रा के दौरान कमर्शियल गैस सिलेंडरों की आपूर्ति किसी भी स्थिति में बाधित नहीं होनी चाहिए, ताकि होटल, ढाबा, रेस्टोरेंट और पर्यटन व्यवसाय से जुड़े प्रतिष्ठानों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
उन्होंने तेल कंपनियों को निर्देशित किया कि घरेलू गैस सिलेंडरों की आपूर्ति में यदि कोई बैकलॉग है तो उसे प्राथमिकता के आधार पर तत्काल समाप्त किया जाए और वितरण व्यवस्था को और अधिक सुचारू बनाया जाए, जिससे आम नागरिकों को असुविधा न हो।
बाजार में उपलब्धता बढ़ाने के निर्देश
मुख्य सचिव ने कहा कि गैस की उपलब्धता बढ़ाकर बाजार में अनावश्यक दबाव और पैनिक की स्थिति को रोका जाए। उन्होंने जिलाधिकारियों को निर्देश दिए कि वे अपने-अपने जनपदों में गैस आपूर्ति की निरंतर निगरानी रखें, साथ ही यह सुनिश्चित करें कि कहीं भी कालाबाजारी या कृत्रिम संकट की स्थिति उत्पन्न न हो।
उन्होंने कहा कि पैनिक बुकिंग जैसी प्रवृत्तियों को नियंत्रित किया जाए और आम जनता को किसी भी प्रकार की परेशानी न होने दी जाए।
सचिव खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति आनंद स्वरूप ने बताया कि जिलाधिकारियों से प्राप्त फीडबैक के अनुसार घरेलू गैस आपूर्ति की स्थिति में सुधार हुआ है तथा पैनिक बुकिंग में भी कमी आई है।
100 प्रतिशत कोटा बरकरार रखने के साथ 5 प्रतिशत अतिरिक्त आवंटन की मांग
मुख्य सचिव ने कहा कि उत्तराखंड की अर्थव्यवस्था मुख्य रूप से चारधाम यात्रा और पर्यटन गतिविधियों पर आधारित है। प्रतिवर्ष अप्रैल से नवंबर तक बड़ी संख्या में श्रद्धालु और पर्यटक राज्य में आते हैं, जिससे एलपीजी गैस की मांग में उल्लेखनीय वृद्धि होती है।
उन्होंने बताया कि मानसून के दौरान अतिवृष्टि और संभावित आपदा स्थितियों में राहत एवं बचाव कार्यों के लिए एलपीजी गैस अत्यंत महत्वपूर्ण ईंधन है। इन परिस्थितियों को देखते हुए भारत सरकार को पत्र भेजा जा रहा है, जिसमें अप्रैल से नवंबर तक व्यावसायिक एलपीजी का 100 प्रतिशत आवंटन पूर्ववत बनाए रखने का अनुरोध किया गया है।
इसके साथ ही संभावित आपदा स्थितियों को देखते हुए 5 प्रतिशत अतिरिक्त कोटा भी मांगा गया है।
राज्य सरकार के अनुसार यात्रा अवधि के दौरान लगभग 9,67,949 व्यावसायिक सिलेंडरों के साथ 48,397 अतिरिक्त सिलेंडरों की आवश्यकता का आकलन किया गया है।
गैस के दुरुपयोग पर सख्त कार्रवाई, राज्यभर में अभियान तेज
राज्य में गैस आपूर्ति को पारदर्शी और सुचारू बनाए रखने के लिए 09 मार्च 2026 से व्यापक प्रवर्तन अभियान चलाया जा रहा है।
अब तक अभियान के तहत:
इसके अलावा अवैध रिफिलिंग में इस्तेमाल होने वाले उपकरण, रिफिलिंग किट, गैस चूल्हे और एक पिकअप वाहन भी जब्त किया गया है।
- 5934 निरीक्षण
- 362 छापे
- 17 एफआईआर दर्ज
- 07 गिरफ्तारियां
- 864 घरेलू सिलेंडर जब्त
- 168 व्यावसायिक सिलेंडर जब्त
- ₹1,05,900 का अर्थदंड
लगाया जा चुका है।




