
*रोशनाबाद में बिना मानचित्र स्वीकृति प्लॉटिंग का आरोप, पहले ध्वस्तीकरण के बाद फिर शुरू हुआ निर्माण*
*हरिद्वार।* रोशनाबाद क्षेत्र के गायत्री विहार में कथित अवैध कॉलोनी का मामला एक बार फिर सामने आया है। पूरनपुर के भू-माफिया प्रधान रोशनपाल और उसके सहयोगी भू-माफिया विशाल जो मुज़फ्फरनगर का रहने वाला है यह बिना मानचित्र स्वीकृति के कॉलोनी विकसित कर और प्लॉट बेचने का काम धड़ल्ले से कर रहे हैं। मामले में हरिद्वार-रुड़की विकास प्राधिकरण (एचआरडीए) की कार्यवाही पर भी सवाल उठते हैं कि यदि विभागीय अधिकारी क्षेत्र में भ्रमण कर रहे हैं और अवैध निर्माण कार्य पर रोक लगा रहे हैं तो पूर्व में हुई ध्वस्त कॉलोनी फिर से कैसे पनप रही है।
*पहले ध्वस्तीकरण, अब फिर निर्माण!*
संबंधित कॉलोनी में पूर्व में ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की गई थी, लेकिन अब दोबारा निर्माण कार्य शुरू हो गया है। आरोप है कि कॉलोनी में प्लॉटों पर मकान और दुकानें बनाई जा रही हैंऔर साथ ही कोई लेआउट पास ना होने के चलते कॉलोनी में सुविधाओं की भी कमी है ऐसे में सवाल उठ रहा है कि यदि निर्माण नियमों के विरुद्ध है, तो पहले की कार्रवाई के बाद दोबारा निर्माण कैसे शुरू हुआ?

*प्लॉट खरीदारों पर मंडरा रहा आर्थिक नुकसान का खतरा*
यदि भविष्य में प्राधिकरण द्वारा दोबारा ध्वस्तीकरण की कार्यवाही की जाती है, तो प्लॉट खरीद चुके लोगों और मकान-दुकान बनाने वालों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है। बिना स्वीकृत मानचित्र के प्लॉटिंग किए जाने का आरोप ऐसे खरीदारों के लिए चिंता का विषय बन सकता है।
*विभागीय मिलीभगत और सेटिंग का खेला*
अवैध निर्माण दोबारा शुरू होने को लेकर विभागीय मिलीभगत का होना भी अपने में कई सवाल खड़े करता है। हालांकि, इस आरोप की स्वतंत्र पुष्टि होना बाकी है परंतु हालात और वर्तमान परिस्थितियाँ यही बयां कर रही हैं । निर्माणाधीन कॉलोनी की तस्वीरें संलग्न कर प्राधिकरण से मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।
*एचआरडीए से कार्यवाही की उम्मीद*
एचआरडीए से कॉलोनी के मानचित्र और निर्माण की वैधता की जांच करने, नियमों के विरुद्ध प्लॉटिंग पाए जाने पर निर्माण रुकवाने तथा जिम्मेदार लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्यवाही हहोना आवश्यक है ताकि भविष्य में अवैध कॉलोनी पर शिकंजा कस सके। अब देखना यह है कि प्राधिकरण के संज्ञान में लाने के कितने समय बाद कार्यवाही अमल में लाई जाती है।






