
काजा (हिमाचल प्रदेश)। हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू का स्पीति घाटी का दो दिवसीय दौरा जनजातीय क्षेत्रों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल साबित हुआ। दौरे के दौरान मुख्यमंत्री ने क्षेत्र के आधारभूत ढांचे को मजबूत करने, स्थानीय लोगों की समस्याओं के समाधान तथा युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाने पर विशेष जोर दिया।
काजा में 116.28 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं का लोकार्पण व शिलान्यास, शिक्षा, स्वास्थ्य, बिजली और पर्यटन पर विशेष जोर
मुख्यमंत्री ने स्पीति के दुर्गम और सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण क्षेत्रों में 116.28 करोड़ रुपये की विभिन्न विकास परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया। उन्होंने घोषणा की कि राज्य सरकार आने वाले समय में स्पीति के विकास पर 500 करोड़ रुपये खर्च करेगी।
स्वास्थ्य और शिक्षा सुविधाओं का होगा विस्तार
मुख्यमंत्री ने रंगरिक स्थित स्वास्थ्य उपकेंद्र को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में स्तरोन्नत करने तथा नए बालिका छात्रावास के निर्माण के लिए दो करोड़ रुपये देने की घोषणा की। काजा में स्त्री रोग विशेषज्ञ और मेडिसिन विशेषज्ञ चिकित्सकों की नियुक्ति का भी ऐलान किया गया, जिससे स्थानीय लोगों को विशेषज्ञ चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध हो सकेंगी।
शिक्षा के क्षेत्र में मुख्यमंत्री ने काजा स्थित सीबीएसई स्कूल का दौरा कर विद्यार्थियों से संवाद किया और उनकी शैक्षणिक व आवासीय समस्याओं को सुना। उन्होंने आगामी शैक्षणिक सत्र से नैतिक शिक्षा शुरू करने की घोषणा की। इसके साथ ही काजा में कॉलेज खोलने की संभावनाएं तलाशने, विद्यार्थियों के लिए विशेष कोचिंग और कौशल प्रशिक्षण पाठ्यक्रम शुरू करने की दिशा में कदम उठाने का आश्वासन दिया।
कुंजुम पास के नीचे सुरंग निर्माण की तैयारी
स्पीति के विकास के लिए कुंजुम पास के नीचे सुरंग निर्माण का सर्वेक्षण कराने और विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार करने की पहल भी महत्वपूर्ण रही। सुरंग बनने से क्षेत्र की सड़क कनेक्टिविटी बेहतर होने, पर्यटन को बढ़ावा मिलने और आपातकालीन सेवाओं को सुगम बनाने की संभावनाएं हैं।
मुख्यमंत्री ने काजा में हेलिपोर्ट निर्माण के लिए सर्वेक्षण कराने का आश्वासन भी दिया। इससे पर्यटन के साथ-साथ आपातकालीन परिस्थितियों में संपर्क सुविधाओं को मजबूती मिल सकती है।
बिजली व्यवस्था सुधारने पर जोर
मुख्यमंत्री ने रोंगटोंग में बैटरी स्टोरेज से संचालित प्रदेश के पहले सौर ऊर्जा संयंत्र का लोकार्पण किया। इस संयंत्र से प्रतिवर्ष लगभग 36 लाख यूनिट बिजली उत्पादन होने की संभावना है।
इसके अलावा समदो और काजा में 47.95 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले 66/22 केवी विद्युत उपकेंद्रों की आधारशिला रखी गई। समदो-काजा ट्रांसमिशन लाइन को तीन वर्षों में पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, जिस पर लगभग 350 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
प्राकृतिक खेती और पर्यटन को मिलेगा प्रोत्साहन
मुख्यमंत्री ने स्पीति घाटी को प्राकृतिक खेती क्षेत्र बनाने की घोषणा की। इससे स्थानीय कृषि परंपराओं, पर्यावरण संरक्षण और टिकाऊ आजीविका को प्रोत्साहन मिलने की उम्मीद है।
पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए विशेष प्रशिक्षण पाठ्यक्रम शुरू करने पर भी विचार किया जाएगा, ताकि स्थानीय युवाओं को रोजगारपरक कौशल प्राप्त हो सके। मुख्यमंत्री ने प्रदेश सरकार के ‘सरकार गांव के द्वार’ कार्यक्रम के तहत रंगरिक में रात्रि प्रवास किया तथा मंजुश्री में लोगों की समस्याएं सुनकर अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री का यह दौरा स्पीति घाटी में शिक्षा, स्वास्थ्य, ऊर्जा, सड़क संपर्क, प्राकृतिक खेती और पर्यटन के क्षेत्र में विकास की संभावनाओं को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।




