
शिमला। राज्यपाल कविन्द्र गुप्ता ने विश्व हिंदू परिषद के पूर्व अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष अशोक सिंघल को उनकी जन्म शताब्दी के अवसर पर श्रद्धांजलि अर्पित की। शिमला के ऐतिहासिक गेयटी थिएटर में आयोजित कार्यक्रम में राज्यपाल ने अशोक सिंघल के जीवन, आदर्शों और राष्ट्र तथा समाज के प्रति उनके योगदान को याद किया।
राज्यपाल ने कहा कि अशोक सिंघल का जीवन भारतीय संस्कृति, सनातन परंपराओं और हिंदू समाज की सांस्कृतिक चेतना के प्रति समर्पण का प्रेरणादायक उदाहरण है। उन्होंने जीवनपर्यंत भारतीय संस्कृति के संरक्षण, हिंदू समाज को संगठित करने और देश की प्राचीन परंपराओं के प्रति गौरव की भावना जागृत करने के लिए कार्य किया।
उन्होंने कहा कि किसी राष्ट्र की वास्तविक शक्ति केवल उसकी आर्थिक और भौतिक उपलब्धियों में ही नहीं, बल्कि उसकी सांस्कृतिक चेतना, नैतिक मूल्यों और अपनी विरासत के प्रति गौरव में भी निहित होती है। सनातन संस्कृति को जीवन जीने की समग्र दृष्टि बताते हुए उन्होंने ‘सर्वे भवन्तु सुखिनः’ और ‘वसुधैव कुटुम्बकम्’ के आदर्शों को संपूर्ण मानवता के कल्याण का संदेश देने वाला बताया।
राज्यपाल ने कहा कि अशोक सिंघल ने सांस्कृतिक जागरूकता को व्यापक जन-विमर्श का हिस्सा बनाने, पारंपरिक मूल्यों की समझ बढ़ाने और लोगों को उनकी सभ्यतागत पहचान से जोड़ने के लिए निरंतर कार्य किया। राम जन्मभूमि आंदोलन के इतिहास में भी उनका महत्वपूर्ण स्थान रहा। विश्व हिंदू परिषद के माध्यम से उन्होंने आंदोलन को संगठित करने, जनसमर्थन का विस्तार करने और श्रीराम जन्मभूमि से जुड़ी आस्था को राष्ट्रीय परिदृश्य में प्रमुखता से लाने में अहम भूमिका निभाई।
अशोक सिंघल की विरासत का उल्लेख करते हुए राज्यपाल ने कहा कि उनके आदर्शों का सम्मान करने का सबसे सार्थक तरीका सेवा, अनुशासन, त्याग और कर्तव्यनिष्ठा के मूल्यों को अपने जीवन में आत्मसात करना है। उन्होंने लोगों से भारतीय सांस्कृतिक धरोहर की रक्षा करने, ज्ञान और परंपराओं को युवा पीढ़ी तक पहुंचाने तथा सामाजिक सद्भाव और राष्ट्र निर्माण के प्रति प्रतिबद्धता मजबूत करने का आह्वान किया।
इस अवसर पर राज्यपाल ने राम जन्मभूमि आंदोलन से जुड़ी वरिष्ठ महिला कार सेविका राजदुलारी सट्ट और योगाचार्य विनोद को उनके योगदान के लिए सम्मानित किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए प्रो. वीर सिंह रंगा ने अशोक सिंघल के जीवन, आदर्शों और योगदान का स्मरण किया।
मुख्य वक्तव्य देते हुए विश्व हिंदू परिषद के केंद्रीय महामंत्री बजरंग लाल बागड़ा ने सामाजिक सद्भाव, वैदिक शिक्षा, संत समाज और गौ-संरक्षण के क्षेत्र में अशोक सिंघल के योगदान पर प्रकाश डाला।




