
पंचायत घर को ग्रामीण मिनी सचिवालय का रूप दिए जाने की उठी मांग।
सोलर लाइट, हैंडपंप, कंक्रीट मार्ग और जलस्रोत पुनर्जीवन देने पर लोगों ने दिया बल।
ग्राम पंचायत चिड़ियाढुंगा में आयोजित पहली बैठक में ग्रामीणों ने विकास की एक व्यापक और मजबूत रूपरेखा तैयार करते हुए पंचायत को ‘मिनी सचिवालय’ जैसा स्वरूप देने पर सहमति जताई। बैठक में गांव को जंगली जानवरों से बचाने के लिए पूरे क्षेत्र में वायर फेंसिंग लगाने, सोलर लाइट लगाने तथा सुरक्षा को मजबूत करने के प्रस्ताव पारित किए गए।
बैठक में जल संकट दूर करने के लिए सोलर हैंडपंप लगाने, सूख चुके प्राकृतिक जलस्रोतों को पुनर्जीवित करने तथा जल संरक्षण हेतु मनरेगा के तहत कार्य प्रारंभ करने पर भी सहमति बनी। इसके साथ ही गांव में पैदल सम्पर्क मार्ग और कंक्रीट संपर्क मार्ग बनाने की मांग भी रखी गई, जिसे पंचायत ने प्राथमिकता में शामिल किया।
ग्राम प्रधान विजेन्द्र मनराल की अध्यक्षता एवं ग्राम विकास अधिकारी मीरा बोहरा के संचालन में हुई इस बैठक में हयात सिंह बोरा, मनीष भट्ट, सावित्री देवी, नीला भट्ट, केशवी देवी, पुष्पा खोलिया, विद्या मनराल, अमित कुमार, मंजू मनराल, सुमित कुमार, विपिन त्रिपाठी, भारती मनराल, वंशीधर राय, नरेंद्र बोहरा सहित अनेक ग्रामीण उपस्थित रहे। बैठक में विभिन्न समस्याओं पर चर्चा हुई, जिनमें सुरक्षा, रोजगार, जल संकट, बिजली और सड़क की दिक्कतें प्रमुख रहीं। ग्रामीणों ने सर्वसम्मति से अपने गांव को नशामुक्त बनाने का संकल्प लिया। साथ ही तय किया गया कि यदि कोई व्यक्ति नशे का कारोबार करता पाया गया तो उसका सामाजिक बहिष्कार किया जाएगा।
पंचायत भवन को जीर्णोद्धार कर उसमें आवश्यक सरकारी सुविधाएँ जैसे कंप्यूटर, रिकॉर्ड रूम, मीटिंग हॉल आदि विकसित करने की भी मांग की गई। इसके अलावा गांव में बच्चों और युवाओं के लिए एक खेल मैदान बनाने का भी प्रस्ताव किया गया। गांव को सुरक्षित, स्वच्छ, नशामुक्त और विकासोन्मुख बनाने के लिए ग्राम पंचायत तथा ग्रामीणों ने सामूहिक रूप से “गांव पहले—व्यक्ति बाद में” का संदेश देते हुए विकास कार्यों में निरंतर सहयोग देने का संकल्प लिया।





