
राजकीय आयुर्वेदिक एवं यूनानी चिकित्सा सेवा संघ, जिला शाखा चम्पावत ने जनपद के आयुर्वेदिक एवं यूनानी चिकित्सालयों और कार्यालयों में बायोमैट्रिक उपस्थिति प्रणाली को अनिवार्य किए जाने पर आपत्ति दर्ज कराई है। संघ का कहना है कि जनपद की विषम भौगोलिक परिस्थितियों को देखते हुए यह व्यवस्था पूरी तरह व्यावहारिक नहीं है।
संघ द्वारा जिला आयुर्वेदिक एवं यूनानी अधिकारी को भेजे गए पत्र में बताया गया है कि जनपद के कई चिकित्सालय सीमांत और अत्यंत दुर्गम क्षेत्रों में स्थित हैं, जहां मोबाइल नेटवर्क और कनेक्टिविटी की गंभीर समस्या बनी रहती है। ऐसी स्थिति में समय पर बायोमैट्रिक उपस्थिति दर्ज कर पाना कई बार संभव नहीं हो पाता।
संघ ने यह भी स्पष्ट किया कि विभागीय अधिकारियों और कर्मचारियों को समय-समय पर राष्ट्रीय आयुष मिशन से जुड़े कार्यों, ऑनलाइन रिपोर्टिंग, चिकित्सा शिविरों, नि:शुल्क उपचार शिविरों, पौध वितरण एवं अन्य जनहित कार्यक्रमों में दूरस्थ क्षेत्रों में भेजा जाता है। ऐसे में बायोमैट्रिक उपस्थिति दर्ज करना अतिरिक्त बोझ और अव्यवहारिक साबित हो रहा है।
संघ ने मांग की है कि चम्पावत जनपद की भौगोलिक परिस्थितियों, नेटवर्क समस्याओं और मैदानी कार्यों की प्रकृति को ध्यान में रखते हुए बायोमैट्रिक उपस्थिति प्रणाली में यथोचित छूट अथवा वैकल्पिक व्यवस्था लागू की जाए।





