
नेशनलिस्ट यूनियन ऑफ जर्नलिस्ट्स (NUJ उत्तराखण्ड) ने आकाशवाणी के अंशकालीन संवाददाताओं की प्रेस मान्यता के नवीनीकरण का मामला महानिदेशक (सूचना) के समक्ष उठाया है। यूनियन ने महानिदेशक सूचना बंशीधर तिवारी को ज्ञापन प्रेषित कर मांग की है कि आकाशवाणी देहरादून के अंशकालीन संवाददाताओं की प्रेस मान्यता का शीघ्र नवीनीकरण किया जाए।
यूनियन की ओर से प्रदेश अध्यक्ष दया जोशी के हस्ताक्षर से भेजे गए पत्र में कहा गया है कि आकाशवाणी के कई अंशकालीन संवाददाता विषम परिस्थितियों में सीमित संसाधनों के साथ निरंतर सेवाएं दे रहे हैं, लेकिन इस वर्ष उनकी प्रेस मान्यता का नवीनीकरण रोक दिया गया है। इससे संवाददाताओं के समक्ष पहचान और कार्य निष्पादन का गंभीर संकट उत्पन्न हो गया है।
ज्ञापन में उल्लेख किया गया है कि उप निदेशक (समाचार), आकाशवाणी देहरादून द्वारा अपने पत्र संख्या आरएनयू/आका/देहरादून/मान्यता/2025-26/22 दिनांक 15 दिसंबर 2025 के माध्यम से जय प्रकाश कुकरेती (टिहरी), राजीव शंकर शुक्ला (ऊधमसिंहनगर), केशव भट्ट (बागेश्वर), कंचना पाण्डे (अल्मोड़ा) एवं चंद्र बल्लभ ओली (चंपावत) की प्रेस मान्यता नवीनीकरण हेतु स्पष्ट संस्तुति की गई है। इसके बावजूद नवीनीकरण में हीला-हवाली को यूनियन ने अनुचित बताया है।
प्रदेश अध्यक्ष दया जोशी ने कहा कि ये संवाददाता अल्प मानदेय के बावजूद अतिवृष्टि, भूस्खलन जैसी दैवीय आपदाओं और दुर्गम क्षेत्रों में सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को आमजन तक पहुंचाने का महत्वपूर्ण कार्य कर रहे हैं। वर्षों की निष्ठावान सेवा के बाद इन्हें मान्यता से वंचित करना उनके मनोबल को ठेस पहुंचाने वाला कदम है।
उन्होंने कहा कि बिना प्रेस मान्यता के फील्ड में रिपोर्टिंग करना इन पत्रकारों के लिए असुरक्षित एवं चुनौतीपूर्ण होगा। यूनियन ने महानिदेशक सूचना से अनुरोध किया है कि प्रसार भारती जैसे प्रतिष्ठित संस्थान से जुड़े इन अनुभवी पत्रकारों के योगदान को देखते हुए उनकी प्रेस मान्यता के नवीनीकरण हेतु तत्काल प्रभावी दिशा-निर्देश जारी किए जाएं।



