
भारत सरकार की किसानों के हित में संचालित महत्वाकांक्षी योजना के तहत सहकारी समितियों को ऑनलाइन प्लेटफॉर्म से जोड़ने की दिशा में मॉडल जिला चंपावत ने उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है। जिले की अधिकांश सहकारी समितियां अब पूरी तरह ऑनलाइन हो चुकी हैं, जिससे पारदर्शिता बढ़ने के साथ ही कार्यों के त्वरित निस्तारण का मार्ग प्रशस्त हुआ है। जिलाधिकारी मनीष कुमार ने बताया कि जिले की कुल 23 सहकारी समितियों में से 21 समितियों को ऑनलाइन प्रणाली से जोड़ा जा चुका है। इस पहल से समितियों के लेखा-जोखा, लेन-देन और प्रशासनिक प्रक्रियाएं डिजिटल माध्यम से संचालित होंगी, जिससे किसानों को समय पर सेवाएं मिल सकेंगी और अनावश्यक विलंब पर रोक लगेगी।
जिलाधिकारी ने यह भी कहा कि मॉडल जिले में सहकारी समितियों के माध्यम से रोजगारपरक एवं किसान हितैषी कई महत्वपूर्ण कार्यक्रम आयोजित किए जाने हैं। ऑनलाइन व्यवस्था लागू होने से इन योजनाओं का लाभ सीधे किसानों तक पहुंचाना और अधिक प्रभावी होगा। वहीं सहायक निबंधक सहकारिता प्रेम प्रकाश ने बताया कि तकनीकी कारणों से दो समितियों में ऑनलाइन कार्य अभी लंबित है, जिसे शीघ्र ही पूरा कर लिया जाएगा। उन्होंने भरोसा दिलाया कि जल्द ही जिले की सभी सहकारी समितियां डिजिटल प्लेटफॉर्म से जुड़ जाएंगी। सहकारी समितियों के ऑनलाइन होने से जहां किसानों को सुविधाजनक सेवाएं मिलेंगी, वहीं शासन-प्रशासन को भी योजनाओं की निगरानी और क्रियान्वयन में मजबूती मिलेगी। मॉडल जिला चंपावत इस दिशा में प्रदेश के लिए एक उदाहरण बनकर उभर रहा।





