
कालाढूंगी। ग्राम रामपुर, पोस्ट पाटकोट, तहसील रामनगर की रहने वाली मीना देवी पत्नी भुवन चन्द्र ने कोतवाली कालाढूंगी में एक गंभीर शिकायत दर्ज कराते हुए कोटाबाग चौकी प्रभारी एवं अपने चचेरे भाइयों पर अवैध कब्जे, फर्जी दस्तावेज तैयार करने व लगातार धमकाने के आरोप लगाए हैं।
प्रार्थिनी के अनुसार पाटकोट में उसकी लगभग 14 बीघा कृषि भूमि है, जिस पर वह बचपन से ही काबिज है। मीना देवी ने बताया कि बचपन में माता-पिता के निधन के बाद उसकी देखरेख चचेरे भाई विपिन चन्द्र व दुर्गा राम करते रहे हैं। परंतु उसके अन्य चचेरे भाई लीला राम व गिरिश चन्द्र ने वर्ष 2012 में नाबालिग होने के बावजूद उसका विवाह करवा दिया और शादी के बहाने खाली कागजों व स्टाम्प पर हस्ताक्षर करवाए।
प्रार्थिनी का आरोप है कि उसी दौरान उसकी फर्जी टीसी बनवाई गई, जिसमें उसकी उम्र गलत दर्शाकर वर्ष 1992 दिखाई गई, जबकि वह वर्ष 1996 में जन्मी है। इस फर्जी दस्तावेज के आधार पर झूंगर राम, निवासी रानीखेत के नाम उसकी भूमि का दाखिल-खारिज करा दिया गया। बाद में शिकायत के बाद कई राजस्व जांचों के उपरान्त दाखिल-खारिज निरस्त कर दिया गया।
मीना देवी का कहना है कि इसके बावजूद आरोपियों ने वर्ष 2017 में पुनः फर्जी तरीके से जमीन की रजिस्ट्री करवा ली, जो वर्तमान में हल्द्वानी उपजिलाधिकारी में विचाराधीन है।

प्रार्थिनी ने चौकी प्रभारी कोटाबाग देवेन्द्र सिंह राणा पर पक्षपात, धमकाने, फर्जी मुकदमे में फँसाने और जमीन खाली कराने का दबाव बनाने के गंभीर आरोप लगाए। तहरीर के अनुसार प्रार्थिनी एवं उसके परिवार को लगातार जान का खतरा बताया गया है।
कुछ दिनों पूर्व रात लगभग 8 बजे कथित रूप से हथियारबंद व्यक्तियों द्वारा उसकी भूमि पर कब्जे का प्रयास भी किया गया, जिसकी सूचना फोन पर देने पर चौकी प्रभारी ने कोई जवाब नहीं दिया। वहीं दूसरी ओर वन विभाग के कर्मचारियों द्वारा गाड़ी रोकने पर आरोपित मौके से फरार हो गए। बाद में चौकी प्रभारी ने वन कर्मियों व स्थानीय लोगों को चौकी बुलाकर धमकाने का भी आरोप लगाया गया है।
प्रार्थिनी ने भूमि पर रखे पुआल को हटाने के लिए भी चौकी इंचार्ज द्वारा अनावश्यक दबाव डाले जाने और पूरे मामले में उनकी भूमिका संदिग्ध होने की बात कही है।
मीना देवी ने पुलिस प्रशासन से निष्पक्ष जांच, सुरक्षा प्रदान करने तथा संबंधित अधिकारी पर कार्रवाई की मांग की है।








