
सेफर इंटरनेट दिवस ‘स्मार्ट टेक’ के साथ एआई के सुरक्षित और जिम्मेदार उपयोग पर जोर।
विकास भवन में कार्यशाला आयोजित; विशेषज्ञों ने साइबर जोखिमों और डेटा सुरक्षा के प्रति किया जागरूक।
हरिद्वार। 10 फरवरी 2026 बदलते डिजिटल दौर में सुरक्षित इंटरनेट के महत्व को रेखांकित करने के लिए आज ‘सेफर इंटरनेट दिवस’ के अवसर पर विकास भवन सभागार में एक विशेष कार्यशाला का आयोजन किया गया। “स्मार्ट टेक, सुरक्षित विकल्प – एआई के सुरक्षित और जिम्मेदार इस्तेमाल की खोज” विषय पर आधारित इस कार्यशाला का शुभारंभ मुख्य अतिथि मुख्य कोषाधिकारी अजय कुमार एवं जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी नलिनी ध्यानी द्वारा दीप प्रज्वलित कर किया गया।
एआई अवसर भी और चुनौतियां भी जिला सूचना विज्ञान अधिकारी यशपाल सिंह ने पीपीटी (PPT) के माध्यम से उपस्थित लोगों को सुरक्षित इंटरनेट उपयोग की बारीकियों से अवगत कराया।
उन्होंने विशेष रूप से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के बढ़ते प्रभाव पर चर्चा करते हुए कहा कि जहाँ एआई तकनीक शिक्षा, स्वास्थ्य, प्रशासन और मीडिया जैसे क्षेत्रों में क्रांतिकारी बदलाव ला रही है, वहीं इसके सुरक्षित और जिम्मेदार उपयोग की समझ होना अत्यंत आवश्यक है।
सावधानी ही सबसे बड़ा बचाव कार्यशाला के दौरान विशेषज्ञों ने निम्नलिखित महत्वपूर्ण बिंदुओं पर विस्तार से प्रकाश डाला डेटा सुरक्षा और गोपनीयता निजी जानकारी को इंटरनेट पर साझा करते समय बरतने वाली सावधानियां।
फेक कंटेंट और साइबर जोखिम एआई द्वारा जनरेट किए गए भ्रामक कंटेंट (Deepfakes) की पहचान और साइबर फ्रॉड से बचाव के तरीके।
नैतिक उपयोग तकनीक का उपयोग मानव कल्याण, पारदर्शिता और सुशासन को मजबूत करने के लिए करने पर बल।
सत्यापन किसी भी डिजिटल जानकारी पर विश्वास करने से पहले उसके स्रोतों की जांच करना।
अधिकारियों से लेकर छात्रों तक की रही मौजूदगी इस महत्वपूर्ण सत्र में जिले के विभिन्न विभागों के सरकारी अधिकारी, कर्मचारी, स्कूलों के शिक्षक और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं मौजूद रहे। वक्ताओं ने संदेश दिया कि डिजिटल सुरक्षा केवल तकनीक का मामला नहीं है, बल्कि यह हमारी जागरूकता और जिम्मेदारी पर निर्भर करती है।





