
नशीली दवाओं के अवैध कारोबार पर प्रहार: हरिद्वार में QRT का गठन, धड़ाधड़ छापेमारी।
हरिद्वार | 10 फरवरी, 2026
जनपद में प्रतिबंधित नारकोटिक एवं साइकोट्रोपिक औषधियों की अवैध खरीद-फरोख्त को जड़ से मिटाने के लिए प्रशासन ने कमर कस ली है। अपर आयुक्त के सख्त निर्देशों के बाद उप औषधि नियंत्रक ने एक क्विक रिस्पॉन्स टीम (QRT) का गठन किया है, जिसने जनपद के संवेदनशील इलाकों में छापेमारी कर अवैध कारोबारियों में हड़कंप मचा दिया है।
सलेमपुर और लक्सर में सघन चेकिंग पिछले कुछ समय से हरिद्वार के सलेमपुर और लक्सर क्षेत्र के बसीड़ी से नशीली दवाओं की अवैध बिक्री की लगातार शिकायतें प्राप्त हो रही थीं। इन शिकायतों का संज्ञान लेते हुए QRT ने मंगलवार को इन क्षेत्रों में औचक निरीक्षण और छापेमारी अभियान चलाया।
कार्रवाई का विवरण वरिष्ठ औषधि निरीक्षक श्रीमती अनीता भारती के नेतृत्व में टीम ने कुल 10 औषधि प्रतिष्ठानों की गहन जांच की। कार्रवाई के दौरान निम्नलिखित कदम उठाए गए 07 दुकानों को कारण बताओ नोटिस नियमों में लापरवाही बरतने पर सात विक्रेताओं को नोटिस थमाया गया।
01 दुकान पर प्रतिबंध अनियमितताएं पाए जाने पर एक दुकान की खरीद-बिक्री गतिविधियों पर तत्काल रोक लगा दी गई।
थोक विक्रेताओं की जांच टीम ने 02 बड़े होलसेलर्स के स्टॉक और रिकॉर्ड का भी बारीकी से निरीक्षण किया।
“नारकोटिक दवाओं का विक्रय केवल वैध पर्चे पर ही हो। फार्मासिस्ट की अनुपस्थिति में दवा बेचना अपराध है। नियमों का उल्लंघन करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।”
QRT टीम की चेतावनी संयुक्त टीम ने संभाली कमान इस विशेष अभियान में हरिद्वार सहित अन्य जनपदों के अनुभवी अधिकारी शामिल रहे, जिनमें औषधि निरीक्षक श्री हरिश सिंह (हरिद्वार), सुश्री मेघा (हरिद्वार), श्री ऋषभ धामा (टिहरी), श्री हार्दिक भट्ट और श्री विनोद जगूड़ी (देहरादून) ने सक्रिय भूमिका निभाई।
भविष्य की रणनीति औषधि विभाग ने स्पष्ट किया है कि यह अभियान केवल शुरुआत है। आने वाले दिनों में जिले के अन्य क्षेत्रों में भी इसी तरह की आकस्मिक छापेमारी जारी रहेगी ताकि युवाओं को नशे की गर्त में धकेलने वाले इस अवैध कारोबार पर पूरी तरह अंकुश लगाया जा सके।





