
Sharda River Swimming Ban जनपद में लगातार हो रही बारिश और मानसून की सक्रियता को देखते हुए जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है। जिलाधिकारी मनीष कुमार के निर्देशों के क्रम में सिंचाई खंड लोहाघाट द्वारा जनसुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए शारदा नदी एवं हुड्डी नदी के किनारे आवश्यक चेतावनी संबंधी साइनेज और एडवाइजरी जारी की गई है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे नदी किनारों पर अनावश्यक आवाजाही से बचें और किसी भी स्थिति में नदियों में स्नान न करें। Sharda River Swimming Ban
Sharda River Swimming Ban सहायक अभियंता, सिंचाई खंड लोहाघाट मनोज तिवारी ने बताया कि बीते कुछ दिनों से क्षेत्र में लगातार वर्षा हो रही है, जिसके कारण शारदा और हुड्डी नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। पहाड़ी क्षेत्रों में अचानक होने वाली भारी बारिश के कारण नदियों में जलस्तर कुछ ही समय में खतरनाक स्तर तक पहुंच सकता है। ऐसी परिस्थितियों में नदी में उतरना या उसके किनारे अधिक समय तक रुकना जानलेवा साबित हो सकता है। Sharda River Swimming Ban
उन्होंने कहा कि मानसून के दौरान कई बार लोग नदी में स्नान करने, सेल्फी लेने या नदी तट पर घूमने के लिए पहुंच जाते हैं, जिससे दुर्घटनाओं की संभावना बढ़ जाती है। इसे देखते हुए जनसुरक्षा के मद्देनजर दोनों नदियों में स्नान पूर्णतः प्रतिबंधित कर दिया गया है। साथ ही नदी तटों पर चेतावनी बोर्ड और सुरक्षा संबंधी निर्देश भी लगाए गए हैं, ताकि लोगों को संभावित खतरों के प्रति समय रहते सचेत किया जा सके।
सिंचाई विभाग ने विशेष रूप से नदी किनारे रहने वाले लोगों से अतिरिक्त सावधानी बरतने की अपील की है। अभिभावकों से कहा गया है कि वे बच्चों को नदी के आसपास जाने से रोकें और उन्हें मानसून के दौरान नदी में बढ़ने वाले खतरे के बारे में जागरूक करें। इसके अलावा मछली पकड़ने, कपड़े धोने अथवा अन्य घरेलू कार्यों के लिए भी नदी में जाने से बचने की सलाह दी गई है।
जिला प्रशासन ने कहा है कि किसी भी आपात स्थिति, जलभराव, कटाव या नदी के जलस्तर में अचानक वृद्धि की जानकारी मिलने पर तत्काल स्थानीय प्रशासन, पुलिस अथवा आपदा कंट्रोल रूम को सूचित करें, ताकि समय रहते आवश्यक कार्रवाई की जा सके और किसी भी प्रकार की जनहानि को रोका जा सके।
प्रशासन ने आम नागरिकों से अपील करते हुए कहा है कि मानसून अवधि के दौरान जारी सुरक्षा निर्देशों का गंभीरता से पालन करें और किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न दें। सभी लोग स्वयं की सुरक्षा के साथ-साथ अपने परिवार और आसपास के लोगों को भी जागरूक करें। जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि नागरिकों का सहयोग ही आपदा से बचाव का सबसे प्रभावी माध्यम है और सामूहिक सतर्कता से किसी भी संभावित दुर्घटना को टाला जा सकता है।






