
रुद्रप्रयाग। जिलाधिकारी विशाल मिश्रा ने सोमवार को विकास भवन सभागार में ग्राम्य विकास विभाग के अंतर्गत संचालित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं एवं कार्यक्रमों की समीक्षा बैठक की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी योजनाओं के निर्धारित लक्ष्यों को प्राथमिकता के आधार पर समयबद्ध ढंग से पूरा करते हुए माह के अंत तक शत-प्रतिशत उपलब्धि सुनिश्चित की जाए।
बैठक में वित्तीय वर्ष 2026-27 के लक्ष्यों के सापेक्ष उत्तराखंड स्टेट रूरल लाइवलीहुड मिशन (यूएसआरएलएम), विकसित भारत-जी.राम.जी., प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना, सांसद निधि, विधायक निधि, मुख्यमंत्री पलायन रोकथाम योजना, रीप-ग्रामोत्थान परियोजना तथा मुख्यमंत्री उद्यमशाला योजना की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई।
जिलाधिकारी ने कहा कि केंद्र एवं राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने योजनाओं के क्रियान्वयन में गुणवत्ता, पारदर्शिता और समयबद्धता बनाए रखने के साथ पात्र लाभार्थियों को अधिक से अधिक योजनाओं से जोड़ने के निर्देश दिए।
बैठक में महिला स्वयं सहायता समूहों द्वारा तैयार किए जा रहे स्थानीय उत्पादों एवं आजीविका संवर्धन गतिविधियों पर भी चर्चा हुई। जिलाधिकारी ने कहा कि रुद्रप्रयाग के स्थानीय उत्पादों में व्यापक संभावनाएं हैं। बेहतर पैकेजिंग, ब्रांडिंग और प्रभावी विपणन रणनीति के माध्यम से इन्हें राज्य एवं राष्ट्रीय बाजारों तक पहुंचाया जा सकता है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को स्वयं सहायता समूहों के उत्पादों के विपणन को बढ़ावा देने तथा समूहों को प्रशिक्षण, वित्तीय सहायता और बाजार उपलब्ध कराने के लिए ठोस कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि महिला स्वयं सहायता समूहों को आत्मनिर्भर बनाकर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती दी जा सकती है और इसके लिए सभी विभाग समन्वय के साथ कार्य करें।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी राजेंद्र सिंह रावत, जिला विकास अधिकारी मानवेन्द्र कौर, खंड विकास अधिकारी ऊखीमठ अनुष्का, अगस्त्यमुनि सुरेश शाह, जखोली के खंड विकास अधिकारी तथा जिला परियोजना प्रबंधक ग्रामोत्थान परियोजना सरिता जोशी सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।




