
हरिद्वार। जनपद में लग्जरी बसों के संचालन को सुरक्षित और नियमों के अनुरूप बनाने के लिए परिवहन विभाग ने प्रवर्तन कार्रवाई तेज कर दी है। जिलाधिकारी मयूर दीक्षित के निर्देश पर चलाया जा रहा विशेष चेकिंग अभियान लगातार तीसरे दिन भी जारी रहा। अभियान के दौरान परिवहन विभाग की टीम ने विभिन्न नियमों के उल्लंघन पर 35 चालान किए, जबकि दो बसों को सीज कर दिया। विभाग की इस कार्रवाई का मुख्य उद्देश्य यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना, वाहनों का निर्धारित मानकों के अनुरूप संचालन कराना और संभावित सड़क दुर्घटनाओं की आशंका को कम करना है।
जिलाधिकारी मयूर दीक्षित के निर्देश पर जारी विशेष अभियान, फिटनेस, परमिट, बीमा और यात्री सुरक्षा मानकों की हुई सघन जांच
नियमों की अनदेखी करने वाले बस संचालकों को चेतावनी, आगे भी जारी रहेगा विशेष प्रवर्तन अभियान
संभागीय परिवहन अधिकारी निखिल शर्मा ने बताया कि पड़ोसी राज्यों में हाल ही में हुई बस दुर्घटनाओं को देखते हुए यात्री सुरक्षा को विशेष प्राथमिकता दी जा रही है। इसी के मद्देनजर जनपद में प्रवेश करने वाली लग्जरी बसों की सघन जांच की जा रही है, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि बसों का संचालन निर्धारित नियमों, तकनीकी मानकों और परमिट की शर्तों के अनुसार हो रहा है या नहीं।
तीसरे दिन भी जारी रही सघन चेकिंग
विशेष प्रवर्तन अभियान सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रवर्तन) नेहा झा और परिवहन कर अधिकारी वरुणा सैनी के नेतृत्व में संचालित किया गया। अभियान के दौरान परिवहन विभाग की टीम ने विभिन्न स्थानों पर लग्जरी बसों को रोककर उनके दस्तावेजों और संचालन संबंधी व्यवस्थाओं की जांच की। जांच के दौरान नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित वाहनों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की गई।
अभियान के तीसरे दिन 35 चालान किए जाने और दो बसों को सीज किए जाने से स्पष्ट है कि विभाग बसों के संचालन में लापरवाही और निर्धारित नियमों की अनदेखी को लेकर सख्त रुख अपना रहा है। विभागीय अधिकारियों के अनुसार, अभियान का उद्देश्य केवल चालान करना नहीं, बल्कि बस संचालकों को यात्री सुरक्षा के प्रति जिम्मेदार बनाना और नियमों का पालन सुनिश्चित करना है।
फिटनेस से लेकर परमिट तक की जांच
चेकिंग अभियान के दौरान बसों के पंजीयन प्रमाणपत्र, फिटनेस प्रमाणपत्र, परमिट, बीमा तथा अन्य आवश्यक दस्तावेजों की बारीकी से जांच की गई। इसके साथ ही यह भी देखा गया कि बसों का संचालन निर्धारित यात्री क्षमता के अनुरूप हो रहा है या नहीं। वाहनों में किसी प्रकार के अनधिकृत बदलाव और निर्धारित मानकों के उल्लंघन से संबंधित बिंदुओं पर भी विशेष ध्यान दिया गया।
परिवहन विभाग की टीम ने यात्री सुरक्षा से जुड़े तकनीकी मानकों के अनुपालन की भी जांच की। अधिकारियों का जोर इस बात पर रहा कि सड़क पर संचालित होने वाली प्रत्येक बस आवश्यक दस्तावेजों से सुसज्जित हो तथा उसकी फिटनेस और अन्य सुरक्षा संबंधी व्यवस्थाएं निर्धारित मानकों के अनुरूप हों।
दुर्घटनाओं की आशंका कम करने पर जोर
पड़ोसी राज्यों में हुई बस दुर्घटनाओं के बाद यात्री वाहनों की सुरक्षा को लेकर सतर्कता बढ़ाई गई है। लंबी दूरी और अंतरराज्यीय मार्गों पर चलने वाली लग्जरी बसों में नियमों का पालन सुनिश्चित करना परिवहन विभाग की प्राथमिकताओं में शामिल है। ऐसे में दस्तावेजों की जांच के साथ-साथ बसों की निर्धारित क्षमता और तकनीकी सुरक्षा मानकों का अनुपालन भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
विभागीय अधिकारियों के अनुसार, बसों के संचालन में किसी भी प्रकार की लापरवाही यात्रियों की सुरक्षा के लिए खतरा बन सकती है। इसलिए वाहन संचालकों को समय रहते अपने दस्तावेज दुरुस्त रखने, वाहनों की फिटनेस बनाए रखने और परमिट की शर्तों का पालन करने के निर्देश दिए जा रहे हैं।
बस संचालकों और चालकों को सख्त निर्देश
परिवहन विभाग ने बस संचालकों और चालकों को निर्देशित किया है कि वे अपने वाहनों के सभी आवश्यक अभिलेख अद्यतन रखें। साथ ही वाहन संचालन के दौरान निर्धारित यात्री क्षमता, परमिट की शर्तों और सुरक्षा मानकों का पूर्ण पालन सुनिश्चित करें। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि यात्री सुरक्षा को प्रभावित करने वाली कमियों अथवा नियमों के उल्लंघन की स्थिति में संबंधित वाहन के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
आगे भी जारी रहेगा अभियान
संभागीय परिवहन अधिकारी निखिल शर्मा के अनुसार, लग्जरी बसों के विरुद्ध चलाया जा रहा विशेष प्रवर्तन अभियान आगे भी जारी रहेगा। परिवहन विभाग का लक्ष्य जनपद में बसों का सुरक्षित, व्यवस्थित और नियमों के अनुरूप संचालन सुनिश्चित करना है। लगातार जांच के माध्यम से नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहनों पर कार्रवाई की जाएगी, ताकि यात्रियों को सुरक्षित परिवहन सुविधा मिल सके और सड़क दुर्घटनाओं की आशंका को कम किया जा सके।
परिवहन विभाग की इस कार्रवाई को यात्री सुरक्षा की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। आने वाले दिनों में भी लग्जरी बसों की जांच जारी रहने से बस संचालकों पर निर्धारित मानकों का पालन करने का दबाव बढ़ेगा और सुरक्षित परिवहन व्यवस्था को मजबूत करने में मदद मिलेगी।






