
*जनसमस्याओं के समाधान में शिथिलता कतई बर्दाश्त नहीं: जिलाधिकारी।*
तहसील दिवस: हरिद्वार में गूंजीं 44 शिकायतें, डीएम मयूर दीक्षित ने 24 का मौके पर कराया निपटारा
हरिद्वार, 3 फरवरी। जनपदवासियों की समस्याओं के त्वरित और प्रभावी निराकरण के लिए शासन की प्राथमिकता के अनुरूप मंगलवार को हरिद्वार तहसील में ‘तहसील दिवस’ का आयोजन किया गया। जिलाधिकारी मयूर दीक्षित की अध्यक्षता में आयोजित इस शिविर में फरियादियों की भारी भीड़ उमड़ी। इस दौरान जिलाधिकारी ने कड़े तेवर दिखाते हुए अधिकारियों को स्पष्ट चेतावनी दी कि जनहित के कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही या देरी अक्षम्य होगी।
मौके पर ही समाधान की प्राथमिकता तहसील दिवस में विभिन्न क्षेत्रों से आए नागरिकों ने अपनी व्यथा सुनाई। कुल 44 शिकायतें दर्ज की गईं, जिनमें से जिलाधिकारी ने अधिकारियों के साथ तत्परता दिखाते हुए 24 समस्याओं का मौके पर ही निस्तारण कर फरियादियों को राहत पहुंचाई। शेष शिकायतों को संबंधित विभागों को हस्तांतरित करते हुए एक सप्ताह के भीतर रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए हैं।
प्रमुख रूप से उठे ये मुद्दे शिविर में मुख्य रूप से निम्नलिखित समस्याओं का बोलबाला रहा भूमि विवाद एवं पैमाइश जमीन से जुड़े मामलों पर डीएम ने लेखपालों को स्थलीय निरीक्षण के निर्देश दिए।
अतिक्रमण सार्वजनिक रास्तों और सरकारी भूमि पर अवैध कब्जों की शिकायतें।
बुनियादी सुविधाएं पेयजल किल्लत, विद्युत आपूर्ति में बाधा और राशन कार्ड से संबंधित आवेदन।
अधिकारियों को सख्त निर्देश जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने कहा, “मुख्यमंत्री की मंशा है कि आम जनमानस को छोटे-छोटे कार्यों के लिए दफ्तरों के चक्कर न काटने पड़ें। यदि कोई अधिकारी फाइल अटकाता है या काम में शिथिलता बरतता है, तो उसके विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी।” उन्होंने एसडीएम और तहसीलदार को निर्देश दिए कि भूमि विवाद के मामलों में स्वयं स्थलीय जांच कर दूध का दूध और पानी का पानी करें।
प्रशासनिक अमला रहा मौजूद इस अवसर पर उप जिलाधिकारी (SDM) जितेंद्र कुमार, तहसीलदार सचिन कुमार सहित जल संस्थान, विद्युत विभाग और राजस्व विभाग के तमाम आला अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
जिलाधिकारी ने साफ किया कि अगली समीक्षा बैठक में इन शिकायतों की प्रगति रिपोर्ट जांची जाएगी।




