
हल्द्वानी। प्रशासन ने सरकारी कार्यालयों में अनुशासन और कार्यसंस्कृति को लेकर सख्त रुख अपनाते हुए बुधवार को बड़ी कार्रवाई की। हाइडिल विभाग के काठगोदाम स्थित सेकेंडरी वर्क डिवीजन कार्यालय में सिटी मजिस्ट्रेट एपी वाजपेयी के नेतृत्व में की गई औचक छापेमारी के दौरान एक कार्यालय सहायक को नशे की हालत में ड्यूटी करते हुए पाया गया। मौके पर ही कर्मचारी के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई के निर्देश जारी कर दिए गए।
प्राप्त जानकारी के अनुसार प्रशासन को लगातार शिकायतें मिल रही थीं कि विभाग में तैनात कार्यालय सहायक दीपक बोरा नियमित रूप से शराब के नशे में कार्यालय पहुंच रहा है, जिससे कार्यालय का कामकाज प्रभावित हो रहा है। शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए सिटी मजिस्ट्रेट ने बिना पूर्व सूचना के टीम के साथ सेकेंडरी वर्क डिवीजन कार्यालय में अचानक निरीक्षण किया।
छापेमारी के दौरान कार्यालय में मौजूद कर्मचारियों में हड़कंप मच गया। जांच के समय दीपक बोरा अपनी सीट पर मौजूद मिले, लेकिन उनकी हालत सामान्य नहीं थी। पूछताछ और प्राथमिक परीक्षण में यह स्पष्ट हुआ कि वह नशे की स्थिति में कार्यालय पहुंचे थे। इस पर सिटी मजिस्ट्रेट ने मौके पर ही उन्हें कड़ी फटकार लगाई और विभागीय अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबन की प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश दिए।
प्रशासन की इस सख्त कार्रवाई के बाद विभागीय कर्मचारियों में चर्चा का माहौल है। अधिकारियों का कहना है कि सरकारी कार्यालयों में अनुशासनहीनता, लापरवाही और नशे की हालत में ड्यूटी करना किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। प्रशासन ने स्पष्ट संदेश दिया है कि जनहित से जुड़े विभागों में कार्यरत कर्मचारियों को अपनी जिम्मेदारियों का गंभीरता से निर्वहन करना होगा।
सूत्रों के अनुसार, मामले में आगे विभागीय जांच भी कराई जा सकती है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि संबंधित कर्मचारी पहले भी इस तरह की हरकतों में शामिल रहा है या नहीं। यदि आरोपों की पुष्टि होती है तो उसके खिलाफ और कड़ी कार्रवाई संभव है।
इस कार्रवाई को प्रशासन द्वारा सरकारी दफ्तरों में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है। स्थानीय लोगों ने भी प्रशासन की इस तत्परता की सराहना की है।




