
देहरादून। जिला युवा कल्याण एवं प्रांतीय रक्षक दल अधिकारी, देहरादून द्वारा जारी एक महत्वपूर्ण आदेश के बाद जिले में तैनात 100 पीआरडी (प्रांतीय रक्षक दल) स्वयंसेवकों को ड्यूटी से पृथक कर दिया गया है। यह आदेश 31 मार्च 2026 को शाम 5 बजे से प्रभावी हो गया है। प्रशासनिक हलकों में इस निर्णय को वित्तीय संकट और बजट अभाव से जोड़कर देखा जा रहा है।
जारी पत्र के अनुसार, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देहरादून को संबोधित आदेश में कहा गया है कि वित्तीय वर्ष 2025-26 की समाप्ति और बजट के अभाव के चलते पीआरडी स्वयंसेवकों को आगे ड्यूटी पर बनाए रखना संभव नहीं है। इसी कारण कानून-व्यवस्था, शांति सुरक्षा, थाना एवं यातायात व्यवस्था सहित विभिन्न ड्यूटी स्थलों पर तैनात 100 स्वयंसेवकों को तत्काल प्रभाव से हटाने के निर्देश दिए गए हैं।
पत्र में स्पष्ट उल्लेख है कि पूर्व में जारी पत्र संख्या 5269 दिनांक 16 फरवरी 2026 के तहत इन स्वयंसेवकों को विभिन्न स्थानों पर तैनात किया गया था। अब नए आदेश के अनुसार सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि वे 31 मार्च 2026 की शाम 5 बजे तक सभी पीआरडी जवानों को ड्यूटी से मुक्त करें।
प्रशासन ने यह भी स्पष्ट कर दिया है कि निर्धारित समय के बाद यदि किसी भी स्वयंसेवक से कार्य लिया जाता है, तो उसका भुगतान अधोहस्ताक्षरी कार्यालय द्वारा नहीं किया जाएगा। इससे यह साफ संकेत मिलता है कि बजट समाप्त होने के कारण विभाग किसी अतिरिक्त वित्तीय भार को वहन नहीं करेगा।
इस फैसले के बाद पुलिस और प्रशासनिक व्यवस्थाओं पर असर पड़ने की संभावना जताई जा रही है, क्योंकि पीआरडी स्वयंसेवक अक्सर यातायात नियंत्रण, त्योहारों और वीआईपी ड्यूटी, थाना सहायता तथा कानून-व्यवस्था बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते रहे हैं।
सूत्रों के अनुसार, आगामी वित्तीय वर्ष के लिए बजट स्वीकृत होने के बाद इन स्वयंसेवकों की पुनः तैनाती पर निर्णय लिया जा सकता है। फिलहाल इस आदेश से पीआरडी जवानों में निराशा का माहौल देखा जा रहा है, वहीं पुलिस विभाग को वैकल्पिक व्यवस्थाएं करने की चुनौती भी सामने आ गई है।
बजट खत्म, सुरक्षा व्यवस्था पर बढ़ेगा दबाव
जिले में एक साथ 100 पीआरडी जवानों की ड्यूटी समाप्त होने से यातायात और थाना स्तर की व्यवस्थाओं पर अतिरिक्त दबाव बढ़ सकता है। आने वाले दिनों में प्रशासन किस तरह इस स्थिति से निपटता है, इस पर सभी की नजरें टिकी हैं।




