
औद्योगिक विकास के लिए ‘एक्शन मोड’ में हरिद्वार प्रशासन: लंबित कार्यों पर सीडीओ की कड़ी फटकार।
हरिद्वार, 18 अप्रैल 2026 उत्तराखंड सरकार के ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ संकल्प को धरातल पर उतारने के लिए जिला प्रशासन सख्त रुख अपनाए हुए है। जिलाधिकारी मयूर दीक्षित के निर्देशन में शनिवार को मुख्य विकास अधिकारी (CDO) डॉ. ललित नारायण मिश्र ने जिला स्तरीय उद्योग मित्र एवं एकल खिड़की प्राविधिक समिति की बैठक ली। बैठक में स्पष्ट संदेश दिया गया कि उद्योगों की राह में आने वाली बाधाओं को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

सिंगल विंडो सिस्टम पर सख्ती सीडीओ ने महाप्रबंधक उद्योग को निर्देश दिए कि एकल खिड़की व्यवस्था के माध्यम से आने वाले आवेदनों को फाइलों में न दबाया जाए। विभिन्न विभागों में लंबित आवेदनों का आपसी समन्वय से तत्काल निस्तारण सुनिश्चित हो।
अधूरी औद्योगिक इकाइयों को अंतिम चेतावनी: बैठक में उन मिनी औद्योगिक इकाइयों पर कड़ा संज्ञान लिया गया जिन्हें भूखंड या शेड तो आवंटित कर दिए गए, लेकिन वहां अब तक उत्पादन शुरू नहीं हुआ है। सीडीओ ने ऐसी इकाइयों को अंतिम नोटिस जारी करने के आदेश दिए हैं।
पेयजल जिन औद्योगिक क्षेत्रों में पानी की किल्लत है, वहां प्राथमिकता के आधार पर ओवरहेड टैंक और पाइपलाइन बिछाई जाएगी।
स्ट्रीट लाइट सलेमपुर राजपूताना औद्योगिक क्षेत्र में रोशनी की व्यवस्था के लिए HRDA को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
अग्निशमन रामनगर और सलेमपुर राजपूताना में फायर स्टेशन की मांग पर नगर आयुक्त (रुड़की) को उचित कदम उठाने के लिए निर्देशित किया गया।
सड़क सुरक्षा (NHAI) भगवानपुर के रायपुर से ग्राम चौली तक नेशनल हाईवे पर होने वाली दुर्घटनाओं को रोकने के लिए NHAI रुड़की को वैकल्पिक सुरक्षा इंतजाम करने के कड़े निर्देश दिए गए।
”उद्योग मित्र हमारी अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं। अधिकारियों का दायित्व है कि वे समस्याओं को टालने के बजाय समन्वय स्थापित कर उनका त्वरित समाधान करें।” > — डॉ. ललित नारायण मिश्र, मुख्य विकास अधिकारी, हरिद्वार
प्राथमिकता समस्याओं का त्वरित निस्तारण।
जवाबदेही लापरवाह अधिकारियों और निष्क्रिय औद्योगिक इकाइयों पर कार्रवाई के निर्देश।
समन्वय विभागों के बीच तालमेल पर जोर।





