
राजिम, छ.ग.। राजिम धीवर समाज द्वारा संरक्षित एवं लोधिया तालाब में स्थित श्री लोधेश्वर महादेव मंदिर अत्यंत प्राचीन माना जाता है। आज श्रावण मास के तीसरे सोमवार को बरसते पानी के बीच महादेव का भव्य जलाभिषेक और दुग्धाभिषेक किया गया।
सावन सोमवार पर जलाभिषेक का धार्मिक महत्व सर्वोपरि है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, समुद्र मंथन के समय विषपान से उत्पन्न महादेव के कंठ की ऊष्मा को शांत करने और उन्हें शीतलता प्रदान करने के लिए देवताओं ने जलाभिषेक किया था। ऐसी अटूट आस्था है कि सावन के बरसते पानी में पवित्र मन से शिव शंकर का जल और दूध से अभिषेक करने पर सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं और जीवन में सुख-समृद्धि का वास होता है।
धीवर समाज सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु हुए शामिल
इस सुअवसर पर धीवर समाज से श्री कपिल धीवर (एल्डरमेन, नगरपालिका राजिम), दुर्गाप्रसाद धीवर, राजेश धीवर, शंभू धीवर, धन्नू, पवन, सुभाष, राकेश, शिव, होभलाल, गणेश, नीरज, मनवा, भरत, श्यामू, शंकर, कृष्णा, केशव, रामलाल, भानू, विष्णु, चेतन, उत्तम, संतु, ज्ञानु, डिगेश आदि सहित समाज के अनेक गणमान्य नागरिक और बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित थे। यह जानकारी बालमिकी धीवर ने दी।








