
कुंभ मेला 2027: धरातल पर उतरने लगीं व्यवस्थाएं, मेलाधिकारी ने संभाली कमान।
हरिद्वार। महाकुंभ 2027 की भव्यता और सुगमता को लेकर उत्तराखंड सरकार ने कमर कस ली है। मेला क्षेत्र में अवस्थापना (Infrastructure) से जुड़े तीन दर्जन से अधिक प्रोजेक्ट्स पर काम युद्धस्तर पर जारी है। सोमवार को मेलाधिकारी श्रीमती सोनिका ने स्वयं ‘ग्राउंड जीरो’ पर उतरकर निर्माण कार्यों का जायजा लिया और स्पष्ट किया कि गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
CCR-2: अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस होगा कुंभ का ‘नर्व सेंटर’
निरीक्षण के दौरान मेलाधिकारी ने सीसीआर-2 (कमांड एंड कंट्रोल सेंटर) भवन के निर्माण कार्य का बारीकी से परीक्षण किया। यह भवन कुंभ मेले के प्रबंधन की धुरी होगा, जिसकी मुख्य विशेषताएं।
अत्याधुनिक तकनीक: पूरे मेला क्षेत्र की ऑनलाइन निगरानी और क्राउड मैनेजमेंट के लिए हाई-टेक उपकरणों से लैस।
एयर कनेक्टिविटी भवन के शीर्ष तल पर हेलीपैड की सुविधा होगी, जिससे आपातकालीन स्थितियों में त्वरित आवागमन संभव हो सकेगा।
समय सीमा: मेलाधिकारी ने निर्देश दिए हैं कि सभी महत्वपूर्ण कार्य आगामी अक्टूबर माह तक अनिवार्य रूप से पूरे कर लिए जाएं।
भीड़ के बीच न थमे विकास की रफ्तार सप्ताह के अंत (Weekends) और आगामी स्नान पर्वों पर हरिद्वार में होने वाली भारी भीड़ को देखते हुए मेलाधिकारी ने दूरदर्शी निर्देश जारी किए हैं:
”निर्माण कार्य में लॉजिस्टिक्स की समस्या न आए, इसके लिए कार्यदायी संस्थाएं पहले से ही पर्याप्त निर्माण सामग्री का भंडारण कर लें। यातायात प्रतिबंधों के कारण काम की गति धीमी नहीं पड़नी चाहिए।”
निगरानी के लिए ‘डिजिटल और फिजिकल’ पहरा मेला प्रशासन ने कार्यों की पारदर्शिता और गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए दोहरी नीति अपनाई है:
ऑनलाइन निगरानी: मुख्यालय से कार्यों की प्रगति को डिजिटल माध्यम से ट्रैक किया जा रहा है।
नियमित निरीक्षण: पेयजल निगम और संबंधित विभागों के अधिकारियों को कार्यस्थल पर ही डटे रहने के निर्देश दिए गए हैं।




