
विश्व रेडक्रॉस दिवस: ‘मानवता के लिए एकजुट’ होकर जीवन बचाना ही सर्वोपरि – सिमरनजीत कौर।
हरिद्वार में रेडक्रॉस ने 1200 प्रतिभागियों को दिया सी.पी.आर. और प्राथमिक उपचार का प्रशिक्षण
हरिद्वार, 08 मई 2026। विश्व रेडक्रॉस एवं रेडक्रिसेंट दिवस के अवसर पर आज श्यामपुर स्थित श्रीराम विद्या मंदिर में इंडियन रेडक्रॉस द्वारा एक विशाल प्राथमिक उपचार प्रशिक्षण, चिकित्सा शिविर एवं संगोष्ठी का आयोजन किया गया। जिलाधिकारी व रेडक्रॉस अध्यक्ष मयूर दीक्षित के निर्देशन तथा मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. राजेश कुमार सिंह के मुख्य संयोजन में आयोजित इस कार्यक्रम का नेतृत्व उत्तराखंड रेडक्रॉस के चेयरमैन प्रो. डॉ. नरेश चौधरी ने किया।

स्वर्णिम समय में उपचार बचा सकता है बहुमूल्य जीवन कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि सीनियर सिविल जज एवं सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सिमरनजीत कौर तथा डॉ. नरेश चौधरी ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। इस अवसर पर सिविल जज सिमरनजीत कौर ने रेडक्रॉस की पहल की सराहना करते हुए कहा:
”आपातकालीन स्थिति में ‘गोल्डन ऑवर’ (स्वर्णिम समय) के भीतर दिया गया प्राथमिक उपचार, विशेषकर सी.पी.आर., किसी व्यक्ति को नया जीवन दे सकता है। प्रशिक्षणार्थियों को मिली यह सीख समाज के प्रति उनकी सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करेगी।”
सिमरनजीत कौर ने प्रतिभागियों को निःशुल्क विधिक सहायता की जानकारी देने के साथ-साथ साइबर अपराध और मोबाइल के बढ़ते दुरुपयोग के प्रति भी छात्र-छात्राओं को सचेत किया।
मानवता के लिए एकजुट होने का संकल्प उत्तराखंड रेडक्रॉस के चेयरमैन डॉ. नरेश चौधरी ने उपस्थित 1200 प्रतिभागियों को सी.पी.आर. (कार्डियोपल्मोनरी रिससिटेशन) और प्राथमिक चिकित्सा का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया। वर्ष 2026 की थीम “United in Humanity” (मानवता के लिए एकजुट होना) पर व्याख्यान देते हुए उन्होंने कहा कि मानव सेवा से बढ़कर कोई पुण्य नहीं है।
उन्होंने विशेष रूप से उल्लेख किया कि श्यामपुर क्षेत्र आपदा और सड़क दुर्घटनाओं की दृष्टि से संवेदनशील है। ऐसे में आज प्रशिक्षित हुए ये प्रतिभागी ‘फर्स्ट मेडिकल रेस्पोन्डर’ के रूप में अपने क्षेत्रों में जनजागरण अभियान चलाएंगे और आपातकाल में देवदूत बनकर लोगों की सहायता करेंगे।

प्रशिक्षण: 1200 छात्र-छात्राओं और स्थानीय निवासियों को प्राथमिक उपचार की बारीकियां सिखाई गईं।
चिकित्सा शिविर: शिविर में आए लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण कर परामर्श दिया गया।
सामाजिक जागरूकता: विधिक अधिकारों और साइबर सुरक्षा पर विशेष सत्र का आयोजन।
इस संगोष्ठी ने न केवल प्राथमिक चिकित्सा के प्रति लोगों को जागरूक किया, बल्कि समाज में एकजुट होकर सेवा करने के रेडक्रॉस के मूल सिद्धांतों को भी सुदृढ़ किया।






