
हरिद्वार। सप्तसरोवर क्षेत्र में गुरु शिष्य परम्परा का पूर्णिमा महोत्सव उत्साह पूर्वक मनाया गया। श्री रणकेश्वर धाम से श्री श्री 1008 अष्टकौशल श्री महंत हरे राम गिरी महाराज ने बताया कि गुरुदेव के सानिध्य में मां गंगा के पावन तट पर गुरु पूर्णिमा का दिव्य पर्व बेहद श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया जा रहा है। महाराज ने कहा कि इस गुरु पूर्णिमा के अवसर पर ज्ञान और सौभाग्य का महामिलन हो रहा है, कहा कि अज्ञानता के अंधकार को मिटाकर ज्ञान का प्रकाश देने वाले गुरुओं के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने के लिए विभिन्न राज्यों से आए श्रद्धालुओं का आना लगा हुआ है।बताया कि गुरु पूजा से शरीर और चेतना में एक विशेष ऊर्जा तैयार होती है, जिससे साधक उच्च ऊर्जा को ग्रहण करने के लिए तैयार होता है।
अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष श्री महंत आराधना गिरी श्री पंचदश नाम जूना सन्यासिनी अखाड़ा ने बताया कि सद गुरु के मार्गदर्शन से ही जीवन में बड़ा सकारात्मक बदलाव लेकर शिष्य आगे बढ़ रहे हैं। गुरु शिक्षाओं के अनुसार गुरु ही शिष्य को अंधकार से प्रकाश की ओर ले जाते है। गुरु पूर्णिमा पर गुरु स्मरण और ध्यान करने से शिष्यों की आध्यात्मिक उन्नति बहुत तीव्रता से होती है।
महंत गोविंद गिरी मोरवी जूना अखाड़ा से गुरु पूर्णिमा पर विशेष पर्व सनातन परंपराओं का निर्वहन करते हुए हरिद्वार गंगा तट पर गुरु पूजन कर आशीर्वाद लेने पहुंचे। कहा कि गुरु चरणों को जल धारा अर्पित कर पुष्प, धूप, दीप समर्पित कर गुरु पूजन किया, दाहिने हाथ में जल, अक्षत और फूल लेकर नियम, धर्म और गुरु भक्ति के मार्ग पर चलने का दृढ़ संकल्प लेते हुए परंपराओं का दायित्व निभाते हुए सम भाव से सेवा का संकल्प लिया। इस अवसर पर उषा माता, पंडित दयालु जी, प्रवीण, आकाश भाटी , सूरज शर्मा, विदित शर्मा, जतिन भाई, मंजीत शर्मा सहित विभिन्न राज्यों से आए सैकड़ो श्रद्धालु उपस्थित रहे।







