
हरिद्वार। कांवड़ मेला 2026 के दौरान भारत विकास परिषद, संस्कार शाखा हरिद्वार द्वारा शिवभक्त कांवड़ियों की सेवा के उद्देश्य से जर्स कंट्री के सामने निःशुल्क चिकित्सा एवं सेवा शिविर का शुभारंभ किया गया। शिविर में प्रतिदिन बड़ी संख्या में पहुंच रहे कांवड़ यात्रियों को प्राथमिक उपचार, सामान्य स्वास्थ्य परीक्षण, आवश्यक दवाइयां तथा स्वास्थ्य संबंधी परामर्श निःशुल्क उपलब्ध कराया जा रहा है। शिविर में चिकित्सकों और स्वयंसेवकों की टीम निरंतर सेवाएं देकर श्रद्धालुओं की सहायता कर रही है।

कांवड़ यात्रा के दौरान लंबी दूरी तय करने वाले श्रद्धालुओं को अक्सर थकान, डिहाइड्रेशन, पैरों में छाले, शरीर में दर्द और अन्य सामान्य स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का सामना करना पड़ता है। इसे देखते हुए परिषद ने चिकित्सा शिविर में आवश्यक दवाइयों, प्राथमिक उपचार की समुचित व्यवस्था की है, ताकि जरूरतमंद शिवभक्तों को समय पर राहत मिल सके।
चिकित्सा सेवाओं के साथ परिषद के सदस्यों ने सेवा भाव का परिचय देते हुए शिवभक्तों को बिस्कुट, पेयजल तथा अन्य आवश्यक सामग्री का भी वितरण किया। वहीं, कांवड़ मेले में दिन-रात सुरक्षा व्यवस्था संभाल रहे पुलिस एवं सुरक्षा कर्मियों को भी पेयजल, जूस और बिस्कुट वितरित कर उनके प्रति सम्मान और आभार व्यक्त किया गया।

शाखा अध्यक्ष विनय कुमार ने कहा कि भारत विकास परिषद का उद्देश्य केवल सामाजिक कार्य करना ही नहीं, बल्कि मानवीय मूल्यों और सेवा भावना को समाज में मजबूत करना भी है। उन्होंने कहा कि “नर सेवा ही नारायण सेवा” की भावना से प्रेरित होकर परिषद प्रत्येक वर्ष विभिन्न सामाजिक एवं सेवा गतिविधियों का आयोजन करती है। कांवड़ यात्रा में आने वाले लाखों शिवभक्तों की सेवा करना परिषद के लिए सौभाग्य का विषय है और भविष्य में भी ऐसे सेवा कार्य निरंतर जारी रहेंगे।

कार्यक्रम के प्रोग्राम चेयरमैन डॉ. प्रदीप त्यागी के नेतृत्व में चिकित्सा सेवाओं का सफल संचालन किया गया। शिविर के लिए डॉ. महेंद्र आहूजा ने आवश्यक दवाइयां एवं चिकित्सा सामग्री उपलब्ध कराकर महत्वपूर्ण सहयोग दिया, जबकि समाजसेवी विजय सेठी ने 10 हजार रुपये का आर्थिक सहयोग प्रदान कर सेवा अभियान को मजबूती दी। परिषद ने दोनों सहयोगकर्ताओं के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि समाज के सहयोग से ही इस प्रकार के सेवा कार्य अधिक प्रभावी ढंग से संचालित किए जा सकते हैं।
इस सेवा अभियान में परिषद के अनेक पदाधिकारियों एवं सदस्यों ने सक्रिय भागीदारी निभाई और पूरे उत्साह के साथ शिवभक्तों की सेवा में योगदान दिया। परिषद ने समाज के सभी नागरिकों, सामाजिक संगठनों एवं युवाओं से ऐसे जनसेवा कार्यों में आगे आकर सहयोग करने की अपील की, ताकि आस्था के इस महापर्व को सेवा, सहयोग और मानवता के संदेश के साथ और अधिक सफल बनाया जा सके।






