हरेला पर्व से पहले वर्षो पुराने पेड़ पर चली आरी

हरिद्वार। शिवालिकनगर पॉस कालोनी के फेस-3 स्थित सामुदायिक केन्द्र परिसर के वर्षों पुराने हरे-भरे पेड़ों पर संस्था पदाधिकारियों ने ही कुल्हाड़ी चलवा कर उन्हें धाराशाही कर दिया।  यह पेड़ ऐसे समय कटवाये गये हैं जब बीते माह विश्व पर्यावरण दिवस के बाद पौधा रोपण के साथ सोलह जुलाई को पूरे राज्य में हरेला पर्व मनाने की तैयारी की जा रही है। पर्यावरण संरक्षण का संदेश देने के बजाय दो हरे भरे पेड़ों को कटवाने पर अनेक लोगों ने गहरी नाराजगी जाहिर की है।

स्थानीय निवासियों के अनुसार काटे गये वर्षों में एक इमारती लकड़ी में उपयोग होने वाला टीक और दूसरा शहतूत का फलदार वृक्ष भी था। इन वृक्षों पर अनेक पक्षियों का बसेरा था जिस पर उन्होंने अपने घोसले बना रखे थे।

ये वृक्ष इस भीषण गर्मी में जहां लोगों को छाया दे रहे थे वहीं आसपास के वातावरण को शुद्धता की प्रदान कर रहे थे लेकिन सामुदायिक केन्द्र के पदाधिकारियों द्वारा आक्सीजन के रूप में लोगों को प्राणवायु दे रहे हरे-भरे पेड़ों की आज हत्या कर दी गई। साथ मौके से विशालकाय पेड़ों के तने और टहनियों को गायब कर दिया गया. जबकि आसपास बिखरे पत्तों को वहां से दूर मैदान में इकट्ठा किया जा रहा है.

लेकिन आश्चर्य इस बात का है कि दिन दहाड़े काटे गये विशालकाय वृक्षों को काटे जाने का किसी ने विरोध नहीं किया.जबकि शहर के पर्यावरण प्रेमी सामुदायिक केन्द्र के पदाधिकारियों की इस करतूत के विरूद्ध मुखर होकर प्रशासन से कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। उधर मामले की जांच के लिए रेंजर शैलेंद्र सिंह नेगी ने मौके पर वन विभाग की टीम भेजी है.

Haridwar news

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