
हरिद्वार। आगामी कुंभ मेला-2027 की तैयारियों और गंगा बंदी के दौरान धर्मनगरी हरिद्वार को स्वच्छ एवं सुंदर बनाने के उद्देश्य से प्रेम नगर आश्रम के अनुयायियों, साधु-संतों और स्वयंसेवकों ने रविवार को वृहद स्वच्छता अभियान चलाया। अभियान के तहत आश्रम स्थित घाटों एवं आसपास के क्षेत्रों में कई सौ लोगों ने श्रमदान कर लगभग 10 टन गीला और सूखा कूड़ा एकत्रित किया, जिसे समुचित निस्तारण के लिए भेजा गया।

स्वच्छता अभियान में जनसहभागिता की सराहना करते हुए मुख्य विकास अधिकारी डॉ. ललित नारायण मिश्र ने कहा कि हरिद्वार की स्वच्छता बनाए रखना केवल प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक और सामाजिक संस्था का सामूहिक दायित्व है। कुंभ मेला-2027 के दृष्टिगत गंगा घाटों, सार्वजनिक स्थलों और आसपास के क्षेत्रों को स्वच्छ रखना प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि प्रेम नगर आश्रम के अनुयायियों एवं साधु-संतों की सक्रिय भागीदारी जनसहभागिता का उत्कृष्ट उदाहरण है। ऐसे प्रयास स्वच्छता के प्रति जागरूकता बढ़ाने के साथ ही लोगों में पर्यावरण और गंगा के संरक्षण के प्रति जिम्मेदारी की भावना भी विकसित करते हैं।

मुख्य विकास अधिकारी ने सामाजिक एवं धार्मिक संस्थाओं तथा आमजन से स्वच्छ हरिद्वार के संकल्प को साकार करने के लिए आगे आने की अपील की। उन्होंने कहा कि सामूहिक प्रयासों से स्वच्छता अभियान को जनआंदोलन का स्वरूप दिया जा सकता है।
गंगा की निर्मलता बनाए रखना प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य
प्रेम नगर आश्रम के महाप्रबंधक महात्मा श्री सौम्यानंद जी ने कहा कि स्वच्छता किसी एक विभाग, संस्था या व्यक्ति तक सीमित जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि यह प्रत्येक नागरिक का सामूहिक दायित्व है। जनसहभागिता के माध्यम से ही स्वच्छता के लक्ष्यों को स्थायी रूप से हासिल किया जा सकता है। उन्होंने बताया कि परम पूज्य गुरुजी श्री सतपाल महाराज जी के दिशा-निर्देशों के अनुरूप व्यापक स्तर पर स्वच्छता कार्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं।
मुख्य विकास अधिकारी डॉ. ललित नारायण मिश्र ने जनसहभागिता को बताया स्वच्छ हरिद्वार की मजबूत आधारशिला, धार्मिक संस्थाओं से अभियान को जनआंदोलन बनाने की अपील
उन्होंने कहा कि गंगा हमारी आस्था, संस्कृति और जीवन का आधार है। इसकी निर्मलता एवं पवित्रता बनाए रखना हम सभी का कर्तव्य है। धार्मिक संस्थाओं, साधु-संतों, स्वयंसेवकों और आमजन को मिलकर गंगा घाटों की स्वच्छता के लिए निरंतर प्रयास करने चाहिए। नियमित सफाई और जनजागरूकता से ही स्वच्छ एवं सुंदर हरिद्वार का लक्ष्य प्राप्त किया जा सकता है।
कुंभ में आने वाले श्रद्धालुओं को मिले स्वच्छ हरिद्वार का अनुभव
इस अवसर पर श्री पवन कुमार ने कहा कि कुंभ मेला-2027 के दौरान देश-विदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के हरिद्वार पहुंचने की संभावना है। ऐसे में गंगा घाटों और सार्वजनिक स्थलों को स्वच्छ एवं व्यवस्थित बनाए रखना सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि धार्मिक संस्थाओं, साधु-संतों, स्वयंसेवकों और आमजन के सहयोग से स्वच्छता अभियान को व्यापक जनआंदोलन बनाया जा सकता है, जिससे श्रद्धालुओं को स्वच्छ एवं सुंदर हरिद्वार का अनुभव मिल सके।
अभियान का मुख्य उद्देश्य गंगा घाटों एवं आसपास के क्षेत्रों की सफाई के साथ आमजन को स्वच्छता के प्रति जागरूक करना और कुंभ मेला-2027 से पहले धर्मनगरी को स्वच्छ एवं सुंदर बनाने में जनभागीदारी सुनिश्चित करना रहा। अभियान में शामिल लोगों ने घाटों पर कूड़ा न फैलाने, अपने आसपास साफ-सफाई रखने तथा गंगा की पवित्रता बनाए रखने की अपील की।
स्वच्छता अभियान में श्री अनुज रावत, श्री शंकर लाल शर्मा, श्री मोतीलाल, श्री नरेंद्र कुमार सहित प्रेम नगर आश्रम के अनेक अनुयायियों, साधु-संतों एवं स्वयंसेवकों ने सक्रिय सहभागिता निभाई। सभी प्रतिभागियों ने श्रमदान के माध्यम से स्वच्छता का संदेश देते हुए गंगा घाटों और आसपास के क्षेत्रों को साफ-सुथरा बनाए रखने का संकल्प लिया।






