
चम्पावत। उत्तराखण्ड उच्च न्यायालय के निर्देशों तथा मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के स्वच्छता एवं पर्यावरण संरक्षण संबंधी निर्देशों के तहत रविवार को मानेश्वर मंदिर परिसर में विशेष स्वच्छता अभियान चलाया गया। जिला प्रशासन, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, वन विभाग, स्प्रिंग एंड रिवर रिजुवनेशन अथॉरिटी (SARRA) और अन्य विभागों के संयुक्त सहयोग से आयोजित इस अभियान का नेतृत्व जिलाधिकारी मनीष कुमार ने किया।

जिलाधिकारी ने कहा कि चम्पावत के प्रमुख धार्मिक एवं पर्यटन स्थलों को स्वच्छ, सुंदर और प्लास्टिक मुक्त बनाना प्रशासन की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि अभियान का उद्देश्य केवल सफाई तक सीमित नहीं है, बल्कि लोगों में कचरा प्रबंधन, पर्यावरण संरक्षण और प्लास्टिक मुक्त जीवनशैली के प्रति जागरूकता बढ़ाना भी है।

अभियान को मानेश्वर मंदिर के पूज्य महंत स्वामी धर्मराजानन्द पुरी महाराज का मार्गदर्शन एवं आशीर्वाद प्राप्त हुआ। उनके नेतृत्व में लगभग 100 लोगों ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए मंदिर परिसर से एक से डेढ़ टन तक प्लास्टिक एवं अन्य अपशिष्ट सामग्री एकत्र कर उसका वैज्ञानिक तरीके से निस्तारण कराया।

इस दौरान मंदिर परिसर में आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रमों के माध्यम से भी स्वच्छ पर्यावरण का संदेश दिया गया। अधिकारियों और समाजसेवियों ने श्रद्धालुओं एवं स्थानीय नागरिकों से प्लास्टिक का उपयोग कम करने तथा कचरे का उचित निस्तारण करने की अपील की।
महंत स्वामी धर्मराजानन्द पुरी महाराज ने कहा कि मानेश्वर धाम की पवित्रता और प्राकृतिक सुंदरता बनाए रखना हर श्रद्धालु और नागरिक का नैतिक दायित्व है। उन्होंने लोगों से पॉलीथिन, प्लास्टिक की बोतलें और अन्य कचरा इधर-उधर न फेंकने का आग्रह किया।
जिलाधिकारी मनीष कुमार ने कहा कि जनसहभागिता से चलने वाले ऐसे अभियान समाज में स्वच्छता के प्रति जागरूकता बढ़ाते हैं। उन्होंने सभी विभागों और स्वयंसेवी संस्थाओं से धार्मिक एवं पर्यटन स्थलों पर नियमित रूप से स्वच्छता अभियान चलाने और पर्यावरण संरक्षण को जनआंदोलन बनाने का आह्वान किया।
अभियान में अपर जिलाधिकारी के.एन. गोस्वामी, उपजिलाधिकारी बी.सी. पंत, जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी देवेंद्र पटवाल, अधिशासी अधिकारी भरत त्रिपाठी, अधिशासी अभियंता विमल कुमार सूठा सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी, कर्मचारी, समाजसेवी और बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक मौजूद रहे।






