
चंपावत। भारत निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों तथा जिलाधिकारी एवं जिला निर्वाचन अधिकारी मनीष कुमार के आदेशों के अनुपालन में बुधवार को विकास खंड चंपावत में एक दिवसीय निर्वाचन प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। प्रशिक्षण का उद्देश्य ड्राफ्ट मतदाता सूची (ड्राफ्ट रोल) में दर्ज मतदाताओं के विवरण में मौजूद तार्किक विसंगतियों (लॉजिकल डिस्क्रिपेंसी) का समयबद्ध एवं पारदर्शी तरीके से निस्तारण सुनिश्चित करना रहा।
प्रशिक्षण कार्यक्रम में विकास खंड चंपावत एवं पाटी के सभी बूथ लेवल अधिकारी (बीएलओ), पदाभिहित अधिकारी, सहायक निर्वाचक निबंधन अधिकारी (एईआरओ) तथा निर्वाचन कार्य से जुड़े अन्य अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने भाग लिया।
प्रशिक्षण के दौरान अधिकारियों को ‘नोटिस फेज’ से लेकर नोटिस की तामीली, सुनवाई के उपरांत रिपोर्ट तैयार करने, आवश्यक दस्तावेजों को सही प्रारूप में पोर्टल पर अपलोड करने तथा पूरी प्रक्रिया को समयबद्ध ढंग से पूरा करने की जानकारी दी गई।
मास्टर ट्रेनरों ने अनमैप्ड इलेक्टर, मैप्ड इलेक्टर में पाई जाने वाली विभिन्न प्रकार की विसंगतियों के समाधान के साथ-साथ मतदाता सूची से संबंधित फॉर्म-6, फॉर्म-7 एवं फॉर्म-8 के माध्यम से प्राप्त दावों एवं आपत्तियों के त्वरित और पारदर्शी निस्तारण की प्रक्रिया को विस्तृत प्रस्तुतीकरण के माध्यम से समझाया।

प्रशिक्षण को अधिक व्यवहारिक बनाने के लिए प्रतिभागियों को बीएलओ ऐप के माध्यम से नोटिस तामील कराने, सत्यापन दस्तावेज अपलोड करने तथा जांच आख्या ऑनलाइन दर्ज करने का लाइव हैंड्स-ऑन अभ्यास भी कराया गया, ताकि क्षेत्र में कार्य करते समय किसी प्रकार की तकनीकी या प्रक्रियागत कठिनाई का सामना न करना पड़े।
चंपावत में प्रशिक्षण मास्टर ट्रेनर जीवन कलोनी तथा पाटी में पी.सी. उपाध्याय द्वारा दिया गया। उन्होंने प्रशिक्षण के दौरान अधिकारियों एवं बीएलओ की शंकाओं का समाधान करते हुए निर्वाचन संबंधी सभी कार्यों को पूरी निष्ठा, सटीकता और समयबद्धता के साथ संपादित करने के निर्देश दिए। कार्यक्रम में संबंधित अधिकारी, ईआरओ, एईआरओ तथा निर्वाचन कार्य से जुड़े अन्य कार्मिक भी उपस्थित रहे।




