
हरिद्वार की अनोखी पहल: अब ‘मिनी सचिवालयों’ से वर्चुअल जुड़ेंगे ग्रामीण, घर बैठे होगा समस्याओं का समाधान।
हरिद्वार, 20 अप्रैल 2026 जनपद वासियों की समस्याओं के त्वरित और प्रभावी निराकरण के लिए जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने एक ऐतिहासिक और अभिनव पहल की शुरुआत की है। हरिद्वार देश का ऐसा पहला जनपद बन गया है, जहां अब ग्राम पंचायतों में बने ‘मिनी सचिवालयों’ के माध्यम से ग्रामीण अपनी समस्याओं को सीधे प्रशासन तक पहुँचा सकेंगे। सोमवार को मुख्य विकास अधिकारी डॉ. ललित नारायण मिश्र ने वर्चुअल माध्यम से इस जनसुनवाई कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ किया।
रजत जयंती वर्ष पर पंचायतों का कायाकल्प मुख्य विकास अधिकारी ने बताया कि उत्तराखंड राज्य के 25वें रजत जयंती वर्ष के उपलक्ष्य में जनपद के जीर्ण-शीर्ण हो चुके पंचायत भवनों का पंचायती राज विभाग द्वारा जीर्णोद्धार किया गया है। प्रथम चरण में सभी ब्लॉकों के 25 पंचायत भवनों को सुसज्जित कर उन्हें ‘मिनी सचिवालय’ का स्वरूप दिया गया है।

ग्राम प्रधानों की भूमिका: मिनी सचिवालयों में ग्राम प्रधान स्वयं मौजूद रहकर क्षेत्रीय जनता की समस्याएं सुनेंगे।
वर्चुअल जनसुनवाई: प्रत्येक सोमवार को जिलाधिकारी की अध्यक्षता में होने वाली जनसुनवाई से इन मिनी सचिवालयों को वर्चुअल माध्यम से जोड़ा जाएगा।
डिजिटल आवेदन: जिला स्तर की समस्याओं के लिए व्हाट्सएप के माध्यम से आवेदन पत्र उपलब्ध कराए जाएंगे, ताकि ग्रामीणों को कलेक्ट्रेट की दौड़ न लगानी पड़े।
”यह देश का पहला जनपद है जहाँ जनप्रतिनिधियों और तकनीक के समन्वय से इस तरह की वर्चुअल जनसुनवाई शुरू की गई है। हमारा उद्देश्य अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति की समस्या का मौके पर ही निस्तारण करना है।”
डॉ. ललित नारायण मिश्र, मुख्य विकास अधिकारी
पहले ही दिन 21 शिकायतों का मौके पर निस्तारण
आज आयोजित पहले वर्चुअल जनसुनवाई कार्यक्रम में विभिन्न विभागों से संबंधित कुल 42 समस्याएं दर्ज की गईं। प्रशासन की तत्परता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि 21 शिकायतों का मौके पर ही निस्तारण कर दिया गया। शेष शिकायतों को संबंधित अधिकारियों को समयबद्ध सीमा के भीतर निराकरण हेतु प्रेषित किया गया है।
इस पहल से न केवल समय और संसाधनों की बचत होगी, बल्कि सरकारी तंत्र और जनता के बीच की दूरी भी कम होगी। जनपद में इस मॉडल की चर्चा हर ओर हो रही है।





