
कोटा। देश की पहली वंदे भारत प्लेटफॉर्म आधारित फ्रेट ईएमयू (सुपरफास्ट पार्सल रेक) ने तकनीकी परीक्षणों की दिशा में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। कोटा मंडल के लबान-गुड़ला रेलखंड पर मंगलवार को रेक का इमरजेंसी ब्रेकिंग डिस्टेंस (EBD) परीक्षण सफलतापूर्वक पूरा किया गया।
वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक एवं जनसंपर्क अधिकारी सौरभ जैन ने बताया कि यह परीक्षण कुल चार फेरों में किया गया। इस दौरान रेक की ब्रेकिंग क्षमता को सूखी (ड्राई) और गीली (वेट) पटरी दोनों परिस्थितियों में परखा गया। परीक्षण के दौरान लोको ब्रेक, ट्रेन ब्रेक और पुश बटन ब्रेक—तीनों इमरजेंसी ब्रेकिंग प्रणालियों का उपयोग किया गया।
हर परीक्षण में ब्रेक लगाए जाने के स्थान से लेकर रेक के पूरी तरह रुकने तक की दूरी का सटीक मापन किया गया। इससे विभिन्न परिस्थितियों में ब्रेकिंग प्रणाली की कार्यक्षमता, सुरक्षा और विश्वसनीयता का विस्तृत आकलन किया गया।
यह परीक्षण अनुसंधान अभिकल्प एवं मानक संगठन (आरडीएसओ) के तत्वावधान में किया जा रहा है। परीक्षण के दौरान आरडीएसओ के निदेशक (टेस्टिंग) अनन्जय मिश्रा, आईसीएफ चेन्नई के सहायक मंडल विद्युत अभियंता सुधांशु कुमार, मुख्य लोको निरीक्षक रामनिवास मीना, यातायात निरीक्षक महेंद्र सिंह मीणा सहित आरडीएसओ और आईसीएफ के तकनीकी विशेषज्ञों तथा लोको क्रू की उपस्थिति में सभी निर्धारित परीक्षण सफलतापूर्वक संपन्न हुए।
गौरतलब है कि 29 जुलाई 2026 से कोटा मंडल में देश की पहली वंदे भारत फ्रेट ईएमयू का व्यापक तकनीकी परीक्षण जारी है। इस रेक के सफल परीक्षण भारतीय रेलवे की आधुनिक, तेज और सुरक्षित पार्सल परिवहन व्यवस्था को नई गति देने की दिशा में अहम कदम माने जा रहे हैं।






