
कांवड़ यात्रा से पहले फ्लाईओवर निर्माण में देरी पर बिफरे डीएम, लगाई कड़ी फटकार।
निरीक्षण: हरिलोक तिराहा और बहादराबाद टोल प्लाजा पर कार्यों की धीमी प्रगति देख जताई गहरी नाराजगी, श्रमिकों की संख्या बढ़ाने के निर्देश।
हरिद्वार, 6 मई। आगामी कांवड़ यात्रा को सुगम और निर्बाध बनाने के लिए जिला प्रशासन ने कमर कस ली है। जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने बुधवार शाम राष्ट्रीय राजमार्ग पर निर्माणाधीन फ्लाईओवरों का औचक स्थलीय निरीक्षण किया। हरिलोक तिराहा (ज्वालापुर) और बहादराबाद टोल प्लाजा पर चल रहे कार्यों की कछुआ गति देख जिलाधिकारी का पारा चढ़ गया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों और कॉन्ट्रैक्टरों को कड़ी फटकार लगाते हुए स्पष्ट किया कि निर्माण कार्यों में किसी भी तरह की लापरवाही या शिथिलता कतई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

लापरवाही पर ‘जीरो टॉलरेंस’
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने पाया कि मौके पर कार्य की गति मानकों के अनुरूप नहीं है। उन्होंने एनएचएआई (NHAI) और कार्यदायी संस्था को निर्देश दिए कि कांवड़ यात्रा शुरू होने से पहले यातायात व्यवस्था को सुचारू करना प्राथमिकता है। उन्होंने कहा, “यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं और स्थानीय जनता को जाम की स्थिति का सामना न करना पड़े, इसके लिए निर्माण कार्यों में तत्काल तेजी लाई जाए।”

डीएम द्वारा जारी मुख्य निर्देश:
शिफ्ट में काम: जो कार्य दिन में यातायात के कारण प्रभावित होते हैं, उन्हें रात्रि पाली (Night Shift) में पूरा किया जाए।
मेनपावर में वृद्धि: प्रोजेक्ट में तेजी लाने के लिए तत्काल श्रमिकों की संख्या बढ़ाई जाए।
मलबा निस्तारण: सड़क किनारे पड़े मलबे और निर्माण सामग्री को तुरंत हटाया जाए ताकि मार्ग चौड़ा और सुरक्षित रहे।
बेहतर समन्वय: संबंधित अधिकारी आपसी तालमेल बिठाकर तय समय सीमा के भीतर लक्ष्य पूरा करें।

”कांवड़ यात्रा एक महत्वपूर्ण आयोजन है। इसमें यातायात बाधित करना गंभीर चूक मानी जाएगी। निर्माण कार्यों में ढिलाई बरतने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।” > — मयूर दीक्षित, जिलाधिकारी, हरिद्वार
निरीक्षण के दौरान मौजूद रहे अधिकारी: इस दौरान सिटी मजिस्ट्रेट जितेंद्र कुमार, एनएचएआई के प्रोजेक्ट मैनेजर संतोष कुमार, हिमालयन कंस्ट्रक्शन कंपनी के सुमित कुमार, राजकुमार पांडे और इंजीनियर उत्तम सहित अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।






