
भारत का खिलौना उद्योग लगातार मजबूत हो रहा है और देश अब खिलौनों का शुद्ध निर्यातक बनकर उभरा है। वाणिज्य एवं उद्योग राज्य मंत्री श्री जितिन प्रसाद ने लोकसभा में लिखित उत्तर के माध्यम से बताया कि बीते वर्षों में खिलौनों के आयात में उल्लेखनीय कमी आई है, जबकि निर्यात में रिकॉर्ड वृद्धि दर्ज की गई है।
सरकार द्वारा साझा किए गए आंकड़ों के अनुसार, वित्तीय वर्ष 2018-19 में भारत ने विश्व से 371.7 मिलियन डॉलर मूल्य के खिलौनों का आयात किया था, जो वित्तीय वर्ष 2025-26 में घटकर 232.3 मिलियन डॉलर रह गया। इस प्रकार खिलौनों के आयात में 37.5 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है।
वहीं दूसरी ओर, भारत का खिलौनों का निर्यात लगातार बढ़ा है। वित्तीय वर्ष 2018-19 में भारत ने 203.5 मिलियन डॉलर मूल्य के खिलौनों का निर्यात किया था, जो वित्तीय वर्ष 2025-26 में बढ़कर 384.7 मिलियन डॉलर पहुंच गया। यह 89.1 प्रतिशत की उल्लेखनीय वृद्धि को दर्शाता है।
सरकार का कहना है कि ‘मेक इन इंडिया’, गुणवत्ता मानकों को बढ़ावा देने, घरेलू विनिर्माण को प्रोत्साहन तथा स्थानीय उद्योगों के सशक्तीकरण जैसे प्रयासों का सकारात्मक प्रभाव खिलौना उद्योग पर देखने को मिला है। इससे भारतीय खिलौनों की वैश्विक बाजार में मांग बढ़ी है और आयात पर निर्भरता कम हुई है।
यह जानकारी ट्रेडस्टेट वेबसाइट के एचएस 9503, एचएस 9504 और एचएस 9505 से संबंधित व्यापारिक आंकड़ों के आधार पर दी गई है। सरकार का मानना है कि भारतीय खिलौना उद्योग की यह प्रगति देश के विनिर्माण क्षेत्र और निर्यात क्षमता को नई मजबूती प्रदान करेगी।






