
प्रेरणादायक व विचारोत्तेजक कविता
जीवन में जागरूकता
अनिवार्य रहनी चाहिए,
अंतस में हमेशा नेकी
व सद्भावना का वास हो।
यह दुनिया और कठोर
होती जा रही है, पथिकों!
किंतु हर मुश्किल में
अपना हौसला बुलंद रखना।
वर्तमान को पूरे अंतस से जीकर,
आगे चलते जाना,
अपने पग को बढ़ाना,
जीवन के वर्तमान को अपनाना।

लेखक परिचय: ‘कविवर ‘सूर्य’ जी भारतीय संस्कृति के अनन्य संरक्षक, संवेदनशील शिल्पी व *मानवतावादी विचारक, दार्शनिक हैं।* समसामयिक विषयों पर आपकी गहरी दार्शनिक समझ और लेखनी समाज को एक नई दिशा और सकारात्मक ऊर्जा प्रदान करती है। युगपुरुष के रूप में आपकी रचनाएँ मानवीय संवेदनाओं व जीवन के यथार्थ को बेहद खूबसूरती से रेखांकित करती हैं।







