
चम्पावत। जिला चिकित्सालय सभागार में आयोजित डिप्लोमा फार्मासिस्ट एसोसिएशन, उत्तराखंड (जनपद शाखा-चम्पावत) के द्विवार्षिक अधिवेशन में ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं को सशक्त बनाने और फार्मासिस्टों की लंबित मांगों को लेकर कई महत्वपूर्ण प्रस्ताव पारित किए गए। अधिवेशन में वर्ष 2005-06 में स्वास्थ्य उपकेंद्रों के लिए सृजित 391 फार्मेसी अधिकारी पदों को बहाल कर क्रियाशील करने तथा राज्य कर्मचारियों को एमएसीपी में पदोन्नत पद का वेतनमान दिए जाने की मांग प्रमुखता से उठाई गई।
चम्पावत में डिप्लोमा फार्मासिस्ट एसोसिएशन का द्विवार्षिक अधिवेशन, स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत बनाने और कर्मचारियों की समस्याओं के समाधान को लेकर पारित हुए कई प्रस्ताव।
कार्यक्रम का शुभारंभ जिला पंचायत अध्यक्ष आनंद सिंह अधिकारी ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत बनाने में फार्मासिस्टों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री प्रतिनिधि प्रकाश चंद्र तिवारी, अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. इंद्रजीत पांडे सहित कई वरिष्ठ अधिकारी और संगठन के पदाधिकारी मौजूद रहे। अधिवेशन में प्रदेश महामंत्री डॉ. सतीश चंद्र पांडे ने कहा कि ग्रामीण स्वास्थ्य उपकेंद्रों में 391 पदों को सक्रिय किए जाने से दूरस्थ क्षेत्रों में प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाएं मजबूत होंगी और आम लोगों को समय पर उपचार मिल सकेगा। इसके अलावा 2009 के बाद नियुक्त कर्मचारियों के वेतनमान, टीए-डीए भुगतान, पूर्णागिरि मेले के दौरान स्वास्थ्य व्यवस्थाओं, औषधि परिवहन और अन्य विभागीय समस्याओं पर भी विस्तार से चर्चा हुई।
अधिवेशन के दूसरे सत्र में संगठन की नई कार्यकारिणी का निर्विरोध गठन किया गया। इसमें विष्णु गिरी गोस्वामी को पुनः जिला अध्यक्ष चुना गया। रोशन लाल जिला मंत्री, योगेश कुमार वरिष्ठ उपाध्यक्ष, मनोज पुनेठा उपाध्यक्ष, अनिल गड़कोटी संगठन मंत्री, शेखर सिंह सह मंत्री, गिरीश खर्कवाल कोषाध्यक्ष तथा तान सिंह संप्रेक्षक निर्वाचित हुए। कार्यक्रम में जिले के सभी फार्मेसी अधिकारियों एवं प्रशिक्षु फार्मासिस्टों ने भाग लेते हुए संगठन को और अधिक मजबूत बनाने तथा स्वास्थ्य सेवाओं के सुधार के लिए एकजुट होकर कार्य करने का संकल्प लिया।




